स्वास्थ्य स्वर : बालो से संबंधित समस्या का घरेलू उपचार...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल बालो से संबंधित समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं, कलौंजी 50 ग्राम, मेथी 50 ग्राम, भांगरा की पत्ती 50 ग्राम लें, तीनो को पीसकर चूर्ण बना लें, उसके बाद 200 ग्राम करंज के तेल में पकाकर छानकर सीसी में रख लें, उसके बाद प्रतिदिन सर में लगायें और 5 घंटे बाद साफ़ कर लें, एसा करने लाभ हो सकता है, नुस्खा उपयोग करने से पूर्व पूरी जानकारी लें : संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Mar 20, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
जितने पापी थे पुजारी बन गये...गीत-
डोंगर कॉलोनी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) संगीता देवी एक गीत सुना रही हैं:
जितने पापी थे पुजारी बन गये-
हम बिखारी बन के तनहा रह गाये-
जितने पापी थे पुजारी बन गये-
पास मंदिर थी मगर जाती नहीं-
जितने पापी थे पुजारी बन गये...
Posted on: Mar 20, 2020. Tags: MP REWA SANGEETA DEVI SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : सर्प काटने पर क्या करें...
ग्राम-जुबानी कलार, तहसील, विकासखण्ड-फरसगाँव, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से सर्प काटने पर क्या करना चाहिये बता रहे हैं, यदि किसी को सर्प काटे तो उसे जीतनी जल्दी हो सके स्वास्थ्य केंद्र पहुचायें, बेहोसी आने वाली हो तब उसे द्रोण पत्ती की बूटी की रस दो पुटकी 5 ml दिन में तीन बार पिलायें, नाक में और नाभि में उसी रस को लगा दें, इससे लाभ हो सकता है, ठीक होने तक चिकित्सक की निगरानी में रखें, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9165992497.
Posted on: Mar 20, 2020. Tags: CG HEALTH KONDAGAON RAMPRASAD NISAD SONG VICTIMS REGISTER
चला सखी देखन चलियो रे...शादी गीत-
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से कोसा देवी एक शादी गीत सुना रही हैं:
चला सखी देखन चलियो रे-
जहाँ माडा पडतु हैं-
हमारा पछि देख लोहारा ककाड़वा-
सोने ले कीड़ा मंगडौली अई हो रे-
जहाँ माड़ा पड़े-
चला सखी देखन चलियो रे-
जहाँ माडा पडतु हैं...
Posted on: Mar 20, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
मचिया मा बैठी है सासू...सोहर गीत-
ग्राम-नोनारी, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) अखिलेश कुमारी एक सोहर गीत सुना रही हैं:
मचिया मा बैठी है सासू-
जो इंद्र मनवाय जो इंद्र मनावय हो-
हो इंद्र जाई के बरसय-
गोकुल बीच चली गंगा हो-
हो चली जाने हो-
केकर भिजती मटुकिया-
केकरा बीर चंदन हो...
