तै आंसू बोहाये वो तै आंसू बोहाये न...देवी गीत-
ग्राम-खैरागढ, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से जया मुंडे एक देवी गीत सुना रही हैं:
तै आंसू बोहाये वो तै आंसू बोहाये न-
नौ दिन रतिहा दाई आंसू बोहाय न-
तैहा जुग मा दुरगम दानव-
महिमा के वरदानी गा-
चारो वेद ला बोर बैरी-
गरदे गंज गुमानी गा...
Posted on: Mar 21, 2020. Tags: CG JAYA MUNDE RAJNAND SONG VICTIMS REGISTER
जगमग-जगमग दिये जल उठे...कविता-
ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालूमाडा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
जगमग-जगमग दिये जल उठे-
द्वार-द्वार चमकी दीवाली-
खीर बतासे बाँट रही है-
अम्मा सबको भर-भर थाली-
झूम-झूम कर हँसते गाते-
दौड़-दौड़ कर दीप जलाते-
जगमग-जगमग दिये जल उठे...
Posted on: Mar 21, 2020. Tags: ANUPPUR DIBYA JOGI MP POEM SONG VICTIMS REGISTER
काले घुंघुर लम्बे बाल लालन के...ददरा गीत
ग्राम-नोनारी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमारी एक ददरा गीत सुना रही हैं:
काले घुंघुर लम्बे बाल लालन के हैं गोरे-गोरे गाल-
मम्मी खेलामयें उनखर पापा खेलामयें-
झूमये सगल परिवार लालन के हैं गोरे-गोरे गाल-
चाचा खेलामयें उनखर चाची खेलामयें-
झूमये सगल परिवार लालन के हैं गोरे-गोरे गाल-
बुआ खेलामयें उनखर फुफा खेलामयें-
काले घुंघुर लम्बे बाल लालन के हैं गोरे-गोरे गाल...
Posted on: Mar 21, 2020. Tags: AKHILESH KUMARI MP REWA SONG VICTIMS REGISTER
वृद्धावस्था के लिये आवेदन देते है लेकिन सुनवाई नहीं होती...
भण्डार पारा, ग्राम-फलौनी, तहसील-भवरपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से रामेश्वर राम मरावी बता रहे हैं कि उनके पिता रामजीत मरावी को वृद्धावस्था पेंशन मिलना अप्रैल 2018 में बंद हो चुका है, कभी पेंशन मिलता है तो आधा दिया जाता है, उन्होंने इसके लिये गाँव के सरपंच सचिव के पास आवेदन किया लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें : सरपंच@9753373998, सचिव@7999796088. संपर्क नंबर@8959778358.
Posted on: Mar 21, 2020. Tags: CG PROBLEM RAMESHWAR MARAVI SONG SURGUJA VICTIMS REGISTER
देश विदेश में बढ़ते कंचन...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
जब जब होय करम धरम की हानि-
तब तब बढे रोग अभिमानी-
जन जनता पर जब करे मनमानी-
तब जन धन की होये हानि-
जनता जब रहे प्रसन्न-
तो देश विदेश में बढते कंचन-
सभी के पास रहे धन कोई न रहे निर्धन...
