जनमत सर्वेक्षण में अपनी अपने विचार बता रहें है...
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से अमरदीप गुप्ता जनमत सर्वेक्षण के विषय पर बस्तर मांगे हिंसा से आजादी के सन्दर्भ में अपनी विचार बता रहें हैं, की जो बस्तर जिला छत्तीसगढ़ में हो रहीं हिंसा में सुदूर इलाकें में रहने वालें आम जनता तथा आदिवासी लोगों का रिपोर्टिंग नही हो पाते इसलिए उस जगह की जानकारी ऐसे स्थिति में हमारे सरकार को उस जगह की विशेष व्यवस्था कर उन जगह पर पहुचाये जाए तभी जा कर हो रहीं हिंसा से निदान पा सकते हैं, मानना है की हिंसा वाली क्षेत्र में निरीक्षण कर तभी ही पता चलेगा की प्रकार से लोग हिंसा से झूझते रहते हैं, और उस हिंसा को रोकना चाहिए. RK
Posted on: Sep 10, 2020. Tags: PEACE SURVEY HINDI 3 SONG VICTIMS REGISTER
मानो तो कोरोना बीमारी...कोरोना गीत-
ग्राम-रवनी, तहसील-बगीचा, जिला-जशपुर (छत्तीसगढ़) से धनंजय राम एक कोरोना गीत सुना रहे हैं:
मानो तो कोरोना बीमारी-
न मानो तो बहता पानी-
बनाने वाले ने क्या बनाया-
वो ही इंसान है काफी-
जो कहा था चीन से निकली बीमारी-
मानो तो कोरोना बीमारी... (AR)
Posted on: Sep 10, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
प्रभु मुझको देना कृपात रे...गीत-
ग्राम-उरुमदुगा, ब्लाक-बैकुंठपुर, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से पूनम देवांगन एक गीत सुना रही हैं:
प्रभु मुझको देना कृपात रे-
प्रभु मुझको देना क्षमास रे-
प्रभु मुझको देना दयात रे...
ऐसे संदेशो को रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर रिकॉर्ड कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Sep 09, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
कौने बरम के गजरा हो मोहेनी तोला लागे...बघेली लोकगीत-
ग्राम पोस्ट- कुश्परी, तहसील-चुरहट, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से चिंतामणि पटेल बघेली लोकगीत एक सुना रहें हैं-
कौने बरम के गजरा हो मोहेनी तोला लागे-
मइके के निक लागे भैया भतीजवा-
ससुरे लवरे ननदिया हो मोहेनी तोला लागे-
कौने बरम के गजरा हो मोहेनी तोला लागे...
Posted on: Sep 09, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
जनमत सर्वेक्षण के सन्दर्भ में अपनी राय बता रहें हैं...
ग्राम- चितूर, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से योगेश बघेल बस्तर मांगे हिंसा से आजादी के विषय में अपनी विचार बता रहें हैं की हिंसा से जड़ नही सकतें किन्तु बातचीत करके इस हिंसा में समाधान पा सकते हैं एक से अधिक जन मिल कर संगठन बनाकर हिंसा को रोका जा सकता हैं, नही अगर इस प्रकार से नही करते हैं तो और भी जान जा सकतें हैं, इसीलिए हिंसा में एक दुसरे पक्ष में सझौता करके इस हिंसा को दूर किया जा सकता हैं:
