गांव में कई दिन से हैण्डपम्प खराब है, दुर कुआ से गंदा पानी लाना पड़ता है, कृपया मदद करें-
ग्राम पंचायत-कश्तुरपाल, स्कूलपारा, ब्लाक-लोहंडीगुडा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से बिन्देराम बता रहे हैं, गाँव में पानी की समस्या है, हैण्डपंप ख़राब हो गया है, जिससे पर्याप्त पानी नहीं मिलता है, 2 महीने से ये समस्या हो रही है, इसके लिये सरपंच के पास आवेदन किये है लेकिन काम नहीं हो रहा है इसलिये सीजीनेट के श्रोताओं से निवेदन कर रही हैं कि दिये नंबरों पर संपर्क कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें: संपर्क नंबर@7967587521, सीईओ@8889251366.
Posted on: Aug 10, 2021. Tags: BASTANAR BASTAR BINDERAM CG PROBLEM WATER
हमारे गाँव में पानी की समस्या हैं लोंगो को कुआ का पानी पड़ता हैं ,कृपया मदद करे...
ग्राम-कस्तूरपल्ली स्कूलपारा,तहसील-लोहड़ीगुडा,जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से बिंदुराम बता रहे हैं, की उनके गाँव में पानी की बहुत समस्या है| हैंण्ड खराब हो गया है| वहाँ के ग्रामीणों को पानी की बहुत दिक्कत होती है| गाँव में एक कुआ खोदा गया है| वही से पानी लाकर पीते है| गर्मी के दिनों में पानी सुख जाता है| इसके लिए उन्होंने सचिव सरपंच को शिकायत किये हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही हुआ है| इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद कि अपील कर रहे हैं कि दिये गयें नंबरों से बात कर समस्या का समाधान कराने में मदद करें: संपर्क नंबर@8967084521, CEO@8889251366, कलेक्टर@845895664.
Posted on: Aug 09, 2021. Tags: BINDURAM CG LOHANDIGUDA PROBLEM WATER
तीन पीढ़ी के काबिज भूमि में गौठान बनाया गया, चारागाह के लिए कृप्या मदद करें-
ग्राम पंचायत-रौचन, भोरमदेव वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू बता रहे हैं उनके गांव में 3 पीढ़ी के काबिज जमीन को हटा के गौठान बनाया गया है| गाँव में वर्तमान में भी चारागाह नहीं है जिसके कारण जंगल जाना पड़ता है जिसमें कई पशु मर चुके है| शासकीय भूमि का तत्काल निस्तार किया जाए| घर के लिए लोगों को 55 डिस्मिल जमीन दिया जाए| सरपंच समिति सचिव द्वारा गाँव के एकमात्र तलाब का रास्ता कई सालों से काबिज किया गया है| उसका निस्तार करें व गांव में बेरोजगारी कि भीषण समस्या का भी निवारण करें| सीजीनेट साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं| संपर्क नंबर@9425299142, सरपंच@8839753238, उप सरपंच@9685826223, कलेक्टर@9425205788.
Posted on: Aug 08, 2021. Tags: AMIT SAHU BHORAMDEV CG KABIRDHAM LAND DISPUTE LAND PROBLEM UNEMPLOYMENT
पीड़ितों का रजिस्टर : पुलिस द्वारा ना पकड़े जाने पर नक्सलियों ने मुखबीर करार दिया...
सोमाराम उसेंडी, ग्राम कुतुल तहसील ओरछा जिला नारायनपुर, बताते हैं कि वे नक्सलियों द्वारा मारे जान के डर से 2016 से नारायणपुर में रहते हैं व रोजी मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं। वे अपने गाँव के बाकी लोगों की तरह ही नक्सलियों के संपर्क मे थे। उनके घर छोड़ कर भागने की कहानी तब शुरू होती है जब वे एक दिन सुबह खाना कहा रहे थे। चूंकि उनके गाँव में एक नक्सली मारा गया था, एक पुलिस की टुकड़ी गश्त के लिए उसी समय उनके गाँव पहुंची। नक्सलियों के आस पास होने के कारण उनकी पुलिस से मुठभेड़ शुरू हो गई। जब पुलिस वापस चले गई, तब नक्सलियों को संदेह हुआ कि पुलिस ने सोमाराम को पकड़ा क्यूँ नहीं और इसी आधार पर उनपे मुखबिरी का आरोप लगाया। मारे जाने से के डर से वे रातों रात गाँव छोड़ कर नारायणपुर भाग आए। इसी बीच पुलिस ने उनके घर पे 2 बार दबिश की। जब नक्सलियों को खबर मिली की वह नारायणपुर भाग गए हैं, तो उनका संदेह और मजबूत हो गया कि वे पुलिस को माओवादियों की खबर पहुंचाने गए हैं। जब वे लौट कर अपने घर आए, तो गॉंव वालों ने बताया कि नक्सली उन्हें मारने की फिराक मे हैं। इसी डर से वे दुबारा नारायणपुर भाग आए और तब से यहीं रह कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उनका एफआईआर दर्ज हो चुका है लेकिन सरकार से ना जमीन मिली है ना ही कोई सहयोग राशि। संपर्क नंबर@7647938065.
Posted on: Aug 08, 2021. Tags: 2016 CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR SOMARAM USENDI VICTIMS REGISTER
'रामकृष्ण मिशन ही हमारे लिए अभिभावक समान,' अबूझमाड़ में शिक्षित वर्ग की नींव रखी...
सुरेश कुमार दोरपा, जिनका गाँव गुदाड़ी, ब्लाक मुख्यालय ओरछा से 3 किमी अंदर, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) में है, अपनी सफलता का श्रेय रामकृष्ण मिशन को देते हुए बताते हैं कि उन्होंने अच्छे भोजन की आशा में स्कूल जाना शुरू किया था। वर्तमान में वे छोटे डोंगर स्कूल में विज्ञान के लेक्चरर के रूप में कार्यरत हैं व उनके भाई, ओरछा के चिकित्सा अधिकारी डॉ सुखराम दोरपा, माड़िया समाज के पहले डॉक्टर हैं। उनका दावा है कि अबूझमाड़ में जो भी विकास दिखता है और जितने लोग भी शिक्षित हैं, उस में 80% योगदान नारायणपुर के रामकृष्ण मिशन स्कूल का है जिसकी स्थापना 1985 मे हुई थी। वे कहते हैं कि बचपन में ही उनकी माँ गुजर गई थीं और पिताजी मूक हैं। वे भीषण आर्थिक तंगी में बड़े हुए। आश्रम ने ही उन्हें लिए अभिभावक समान था जहां वे 1993 से 2005 तक अध्ययनरत थे। वे कहते हैं कि रामकृष्ण मिशन के महाराज (गुरुजी) उन्हें स्कूल ले जाने के लिए घर आते थे। वे कहते हैं कि विज्ञान ले कर 12वीं कक्षा पास करने के उपरांत उन्हें महाराज ने रायपुर जाने का सुझाव दिया, जहां के रामकृष्ण मिशन के छात्रावास में उन्हें जगह मिली और उसके उपरांत उन्होंने साइंस कॉलेज मे दाखिला लिया। वहाँ माइक्रोबायोलोजी में बीएससी किया और फिर रसायन शास्त्र मे एमएससी किया। उनके भाई, जो कि शारीरिक रूप से विकलांग हैं, कि स्कूली पढ़ाई बारसुर के जवाहर नवोदय विद्यालय में हुई और उसके बाद रामकृष्ण मिशन की मदद से जबलपुर गए। दोनों भाइयों की पत्नियाँ भी रामकृष्ण मिशन स्कूल मे ही पढ़ती थीं। उनकी पत्नी ने स्कूल के बाद लखनऊ के रामकृष्ण मिशन से बीएससी नर्सिंग की व उनकी भाभी ने जगदलपुर से नर्सिंग कि पढ़ाई की। वर्तमान में दोनों नर्स के पद में कार्यरत हैं। संपर्क नंबर@9907937980
