मोर शिवा गुरु यह शरीर मेरा दो दिन का...भजन-
ग्राम-अलका, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गा एक भजन सुना रही हैं:
शिव गुरु हैं सुखदाई जपो मेरा भाई-
जीवन तेरा दो दिन का-
शरीर मेरा दो दिन का रे-
जीवन मेरा दो दिन का-
कागज का पुड़िया उड़ाते चले जाना-
मोर शिवा गुरु यह शरीर मेरा दो दिन का... (AR)
Posted on: Jul 23, 2020. Tags: CG DURGA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
मेरे पास रहने के लिए घर नहीं है, झोपडी में रहती हूँ, बरसात में बहुत समस्या होती है...
ग्राम-लोनी, पंचायत-छतैनी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुषमा के साथ शांति है जो बता रहे है कि रहने के लिए घर नहीं है झोपड़ी में रहती है उनके साथ छोटे-छोटे बच्चे है बरसात के दिनों में भीग जाते है, सीट और पानी छूते है तो आंधी तूफ़ान आती है तो उड़ जाते है | उससे गल्ला भी भीग जाता है | रहने की बहुत दिक्कत है, लॉकडाउन के कारण काम भी नहीं मिल रहा है | उनका कहना है कि रहने के लिए घर मिल जाता तो सुविधा होती | इसलिए सीजीनेट के साथियों से निवेदन कर रहे है कि घर दिलवाने में मदद करें : संपर्क@9580852199, C.E.O@9407803480, सचिव@9755289522. (170506) NM
Posted on: Jul 23, 2020. Tags: HOUSE PROBLEM REWA MP SHANTHI SONG SUSHMA VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ है धन के कटोरा, जिंहा ले उपजे सोना...कविता-
ग्राम-पकनी, पोस्ट-दिजवल जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव सिंह आयम एक कविता सुना रहे हैं:
छत्तीसगढ़ है धन के कटोरा-
जिंहा ले उपजे सोना-
छत्तीसगढ़ के 29 जिला मा एक हवे सूरजपुर-
सूरजपुर में सबो किसान है-
करथे जे मन खेती-
हरियाली हा छाये रहथे हवे भारत के बेटी...(AR)
Posted on: Jul 20, 2020. Tags: CG JAGDEV POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
अपने दुःख ला अपन मै जानो, मै हा बताओं काला...गीत-
ग्राम-कुमसी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से घरसूराम बघेल एक गीत सुना रहे हैं:
अपने दुःख ला अपन मै जानो-
मै हा बताओं काला-
मोर पाँव मा पड गये छाला-
कैसे आओं तोर दिवाला-
अपने दुःख ला अपन मै जानो-
मै हा बताओं काला... (AR)
Posted on: Jul 20, 2020. Tags: CG GHARSURAM BAGHEL NARAYANPUR SONG VICTIMS REGISTER
मोर बिगड़ी बना दे बाबा तैं...गीत-
ग्राम, पोस्ट-डिज़ावल, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से विजय प्रताप पोया एक गीत सुना रहे हैं:
मोर बिगड़ी बना दे बाबा तैं-
अब आगे सावन के महिना मा-
जल चढ़ा बो मै-
मोर बिगड़ी बना दे बाबा तैं-
कांवर सजा के जल उठा के-
तोला चढ़ाहूँ मै... (AR)
