कोई रोक सके तो रोक मुझे मै आ रही सन-सन...गीत
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुमार कुशवाहा एक गीत सुना रहे हैं :
कोई रोक सके तो रोक मुझे, मै आ रही सन-सन-
पुरखे भागीरथ के तार चले रे-
धरती पे गंगा की धार चली रे-
इस बात को जानता भू-मण्डल-
ब्रम्हा ने सरन में उठाया कमंडल-
विष्णु के दो रहे चरण रहे...
Posted on: Feb 26, 2018. Tags: MANOJ KUMAR KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
घर में साबुन बनाने की विधि...
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लडवारी, जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाह साबुन बनाने की विधि बता रहे हैं, साबुन बनाने के लिए कांच के एक बड़े बर्तन में बेनौली का तेल या सोयाबीन का तेल लेकर उसमे समान आयतन में कास्टिक सोडा का सान्ध्र विलयन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिला लें, इसके बाद किसी छड से अच्छे से हिला लें अभिक्रिया के फल स्वरूप साबुन बनता है उस पेस्ट को चौकोर बर्तन में उलटकर ठंडा होने दें, साबुन ठंडा होकर जम जाता है होने के बाद पेस्ट जम जाता हैं उसके बाद चाक़ू से काटकर छोटी-छोटी बर्फियां बना ले. इस तरह से आप अपना खुद का साबुन बना सकते हैं और उसे बेच भी सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए संपर्क मनोज कुशवाह@9174493226.
Posted on: Feb 22, 2018. Tags: MANOJ KUSHWAH SONG VICTIMS REGISTER
अरे हीरा हस दहियां गंवाया हो...नशा विरोधी गीत
मध्यप्रदेश के जिला-सीधी, पोस्ट-लुरघुटी, ग्राम-ददरी से मनोज कुमार एक नशा विरोधी गीत सुना रहे हैं:
अरे हीरा हस दहियां गंवाया हो-
दारू गांजा पीके-
लड़का-लड़की बिहावन को हो गई-
रो-रो करी घरवाली हो-दारु गांजा पीके...
Posted on: Feb 16, 2018. Tags: MANOJ KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
तोता दिया हुंकारा अमर कथा न सुनी हुमाऊ सोच रहे हुंकारा...गीत
मनोज कुमार कुशवाहा, ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से एक गीत सुना रहे हैं :
तोता दिया हुंकारा अमर कथा न सुनी हुमाऊ सोच रहे हुंकारा – अविनाशी कैलाशी काशी अपनी अलग बसाई थी – बैठ गुफा में गौर जी को अमर कथा सुनाई थी – आज यहाँ पर कोन तीसरा गोंगा जी जन आया है – चीरा करोली से शंकर जी को कर त्रिशूल उठाया है – आगे तोता पीछे शिवजी तीन लोक में बागे है...
Posted on: Feb 11, 2018. Tags: MANOJ KUMAR KUSWAHA SONG VICTIMS REGISTER
वो मैया वो मैया वो मैया...गीत
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लदवाही, जिला-टीकमगढ़ (म.प्र.) से मनोज कुशवाह एक गीत सुना रहे है:
वो मैया वो मैया वो मैया-
जंगल में विराजे बहन भैया-
सोने के लोटा में जल भर लिहाये-
पीवे न बहना पिवाये भैया-
जंगल में विराजे बहन भैया-
वो मैया वो मैया वो मैया...
