अमवा ले अईदा न सईंया, एको अमवा ले अईदा न...गीत-
ग्राम-अमृतपुर, पुरेना, लौकाई, जिला-बहराई (उत्तर प्रदेश) से केदारनाथ कुसवाहा एक भोजपुरी गीत सुना रहे हैं :
अमवा ले अईदा न सईंया, एको अमवा ले अईदा न-
हमरे मनवा करे ला खाईके अमवा दईदा न-
जमुनिया ले अईदा न ओ सईंया जामुन ले अईदा न-
कि हमरा मनवा करे ला खाईके, जामुन ले अईदा न...
Posted on: Jul 04, 2019. Tags: BAHARAI KEDARNATH KUSWAHA SONG UP VICTIMS REGISTER
वर्ष 2018 में राशन कार्ड में जारी हुआ था, लेकिन आज तक नहीं मिला...मदद की अपील-
ग्राम-खजुहा कला, तहसील-जुड़, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से विजय कुमार कुसवाहा बता रहे हैं| उनका BPL राशन कार्ड सन 2018 में जारी किया गया था| लेकिन राशन कार्ड आज तक नहीं मिला| जिससे उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है| समस्या के निराकरण के लिये उन्होंने अधिकारियों के पास आवेदन किया| लेकिन कोई कारवाही नहीं हो रही है| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं, कि दिये गये नंबरों पर अधिकारियों से बात कर राशन कार्ड दिलाने में मदद करें : कलेक्टर कार्यालय@07662241633, कमिश्नर@07662241888. विजय कुमार कुसवाहा@7024467792.
Posted on: Jun 09, 2019. Tags: MP PROBLEM REWA SONG VICTIMS REGISTER VIJAY KUMAR KUSWAHA
सौ बात रहने अटरिया सपन देख...बघेली लोक गीत-
ग्राम-खजुहा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से विजय कुमार कुसवाहा जो आँखों से देख नहीं सकते एक बघेली लोक गीत सुना रहे हैं :
सौ बात रहने अटरिया सपन देख-
देखूं सपन के, देखूं हो-
बबुवा सपने है बाकी-
बतावे सपनवा सुंदर सपनवा-
सुन्दर हो...
Posted on: Jun 08, 2019. Tags: MP REWA SONG VICTIMS REGISTER VIJAY KUMAR KUSWAHA
ये पापा को अवनी नगरया, जिदवा खेला ला त हमकी...गीत-
ग्राम-केरकेट्टा, पोस्ट-जोगा, थाना-उचारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अंजनी कुमारी कुसवाहा एक गीत सुना रही हैं :
ये पापा को अवनी नगरया-
जिदवा खेला ला त हमकी-
हार आईला हो-
ये बेटी अवाता नगरिया-
तो किहार अईली हो-
ये बेटी अवाता नगरिया...
Posted on: Apr 09, 2019. Tags: ANJANI KUMARI KUSWAHA JHARKAHND PALAMU SONG VICTIMS REGISTER
दशरथ जी के लाल हमने वन में जाके देखे हैं...गीत-
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-निवाड़ी (मध्यप्रदेश) से मनोज कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं :
दशरथ जी के लाल हमने वन में जाके देखे हैं-
सांथ सुकुमारी सीता यही तो परेखे हैं-
कैसे-कैसे वर मांगे, निरदई परी केकई रानी-
कटी नहीं जीभ जाकी, निकली मुख से कैसी वाणी-
दशरथ जी के लाल हमने वन में जाके देखे हैं...
