चिट्ठी में है मन का प्यार, चिट्ठी में है घर का अखबार...गीत

ग्राम-केरकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उदारीरोड (झारखण्ड) से अखिलेश कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं :
चिट्ठी में है मन का प्यार, चिट्ठी में है घर का अखबार-
इसमें दुःख सुख की बातें हैं-
प्यार भरी इसमें सुगंध है-
कितनी ही दिन कितनी ही रातें-
तय कर आई मीलो पार-
चिट्ठी में है मन का प्यार, चिट्ठी में घर का अखबार...

Posted on: Jun 30, 2018. Tags: AKHILESH KUSWAHA SONG VICTIMS REGISTER

देखो कोयल काली है पर मीठी है इसकी बोली...कविता

ग्राम-केरकेट्टा, पोस्ट-जोगा, थाना-ओदारीरोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अखिलेश कुसवाहा एक कविता सुना रहे हैं :
देखो कोयल काली है पर मीठी है इसकी बोली-
इसने ही तो कूक-कूक कर आमो में मिश्री घोली-
कोयल कोयल सच बतलाओ क्या संदेशा लाई हो-
बहोत दिनो के बाद फिर इस डाली पर आई हो-
क्या गाती हो किसे बुलाती हो, बतला दो कोयल रानी-
कैसे कैसे देख मांगती हो, क्या मेघो से पानी...

Posted on: Jun 25, 2018. Tags: AKHILESH KUSWAHA SONG VICTIMS REGISTER

जंगल मोर के बिना, कि दारू कोर के बिना, और सुनी है बाराते दारू...बुन्देलखंडी लोकगीत

ग्राम-गोण, पोस्ट-थनरा, थाना-दिनारा, जिला-शिवपुरी (छत्तीसगढ़) से अखिलेश कुमार पारश एक बुन्देलखंडी लोकगीत सुना रहे है:
जंगल मोर के बिना, कि दारू कोर के बिना-
और सुनी है बाराते दारू, कोर के बिना-
न्याव्ह कोट बिन, चुनर गोट बिन, दूल्हा कोट बिना-
कि मझली काकी वोट न डाले, 100 के नोट बिना-
बिन चोर के बिना, दारू होर के बिना-
और सुनी है बाराते दारू, कोर के बिना-
जंगल मोर के बिना, कि दारू कोर के बिना...

Posted on: May 25, 2018. Tags: AKHILESH KUMAR PARAS SONG VICTIMS REGISTER

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ...सरस्वती वंदना

जिला-शिवपुरी, (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमार पारश सरस्वती वंदना गीत सुना रहे है:
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ-
तू शल की देवी, ये संगीत तुझसे, हर शब्द तेरा हर गीत तुझसे-
हम अकेले हम है अधूरे, विद्द्या का हमको भी अधिकार दे माँ-
मुनियों ने समझी, गुणियों ने जानी, वेदों की भाषा, पुराणों की वाणी-
हम भी तो समझे, हम भी तो जाने-
तेरी शरण हम, हमें प्यार दे माँ, हे शारदे माँ-
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ...

Posted on: May 07, 2018. Tags: AKHILESH KUMAR PARAS SONG VICTIMS REGISTER

दान अवसर आज का है, स्वागतम शुभ आगमन...स्वागत गीत

ग्राम-कुंड, पोस्ट-फंदरा, थाना-दिनारा, तहसील-करैरा, जिला-शिवपुरी (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमार पारस एक स्वागत गीत सुना रहे हैं :
दान अवसर आज का है, स्वागतम शुभ आगमन-
आप आकर हैं पधारे, देश के सेवी सदन-
हर्ष से हृदय भरा है, दान अवसर आज का है, स्वागतम शुभ आगमन-
हम है बालक छोटे-छोटे और हैं नादान हम-
सेज सहना चाहते हैं स्वागतम शुभ आगमन-
प्रकृति के इस नए जमत में और है नादान हम...

Posted on: May 07, 2018. Tags: AKHILESH KUMAR PARAS SONG VICTIMS REGISTER

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