एक दिल तरिया ,बालम गले जरिया...भोजपुरी गीत-
मुंबई महाराष्ट्र से समीर एक भोजपुरी गीत सुना रहे है :
एक दिल तरिया-
बालम गले जरिया-
पहुच ले की न-
उठ जी मा तरिया-
पहुच ले की न-
हर सुनलिका जरिया में-
को दिखाला...
Posted on: Dec 10, 2021. Tags: BHOJPURI SONG MH MUMBAI SAMEER
वीरनारायण छत्तीसगढ़ के सोना खान वाला...गोंडवाना गीत-
ग्राम-कोट्या, पोस्ट-बलंगी, ब्लाक-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से गोंडवाना बाबू एक गोंडवाना गीत सुना रहें है :
वीरनारायण छत्तीसगढ़ के सोना खान वाला –
ये गोंडवाना के सपूत बेटा आदिवासी जानी वाला – जान देहे हमला मान देहे सहिद होगे गा-
ये काबरा घोड़ा वाला झन जाबे बन में गा-
परिसे जब अकाल गा इसन अचरा के छापा मा-
ये माखुर के टारा टोर के आना बेलेद निकाल...
Posted on: Dec 09, 2021. Tags: BALRAMPUR CG GONDWANA BABU GONDWANA SONG
पीड़ितों का रजिस्टर: पहले नक्सलियों से बहुत परेशान रहते थे, अभी कोई दिक्कत नही है, पुराने गांव में ज
ग्राम-हिराबेटी जिला नरायणपुर (छत्तीसगढ़) से अपना गाँव छोड कर 2013 में आये थे नाम रामशु पटेल पिता सोनूराम पटेल उनका घर बनाने में दिक्कत हो रही थी जमीन नही है| सरकारी तरफ से एक जमीन दिए पर भी कम पड रहा नक्सली संगठन में जुड़े थे 15 साल तक किये थे| कुछ पैसे रखे थे| फिर 2013 में आत्म समर्पण कियें|अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@7803073750.
Posted on: Dec 09, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANPUR PATEL RAMESH PATEL SONURAM VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर : 2013 में नक्सलियों के डर से अपना गांव छोड़कर आना पड़ा...
कोलूराम पिता मासाराम, ग्राम-वाला, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं, 2013 में नक्सलियों के डर से अपना गांव छोड़कर शांतिनगर नारायणपुर में हैं| उनके पुराना गांव में बहुत मार पिट करते थे उन्हें भी मुखबिरी करते है, पहले फॉरेस्ट विभाग में काम करते थे| सरकार के तरफ से कोई सहयोग राशि नही मिला है|अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@9407626022.
Posted on: Dec 09, 2021. Tags: 2013 CG DISPLACED KOLURAM MASARAM MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर : 2008 में नक्सलियों के डर से अपना गांव छोड़कर आयें...
ग्राम-कुम्हार पारा,ब्लाक-ओडीषा,जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से करेबाई वड्डे बता रही हैं कि वर्ष 2008 की बात हैं उस समय उनके पति को माओवादियों के द्वारा मार दिया गया था | उस समय वो नारायणपुर में थी| खबर सुनकर गाँव गयी तो वहाँ उन्होंने देखा कि माओवादियों ने उनके पति को मारकर बीच रास्ते मे डाल दिया था | उसी समय से वो अपने परिवार के साथ नारायणपुर में रहती हैं,उनके परिवार में 6 लोग रहते हैं| सरकार कि तरफ से उनको एक लाख रुपया मुआवजा मिला था| पर अभी उनको पेंशन राशी नहीं मिल रही है| जिसके लिए वो अधिकारियों से कई बार कह सुकी हैं लेकिन अभी तक कोई जावाब नहीं मिला है| अपने बच्चों को मजदूरी करके पालती हैं और कोई आमदनी का श्रौत नहीं है | अधिक जानकारी के लिए इस नम्बर पर बात कर सकते हैं|संपर्क नम्बर@9770032557.
