चांदनी रात में बरसात बुरी लगती है...गजल गीत-
नितिन कुमार उत्तर प्रदेश से एक गजल सुना रहे है
चांदनी रात में बरसात बुरी लगती है-
धरती में मेरा हर बात बुरी लगती है-
आग की मोहिनी सूरत बिगाड़ देती है-
बड़े बड़ो को जरुरत बिगाड़ देती है-
गैरो के गिला क्या करे अपने बदल गये...(GM)
Posted on: Feb 28, 2021. Tags: GAJAL SONG NITIN KUMAR UP
वनांचल स्वर: घटते जंगल बढ़ती परेशानियां...
ग्राम-हिटारकसा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नारायण सिंह साहू बताते हैं कि उनके गांव में आए दिन भालू आ जाते हैं। अभी तक जान-माल का कोई नुक्सान नहीं हुआ है, लेकिन भालू अक्सर गन्ने और सब्जी की फसल को खराब कर देते हैं। ग्रामीण कभी भी भालुओं को नुक्सान नहीं पहुँचाते। जंगल कम होने की वजह से वहां फल-सब्जी नहीं मिलता जिस वजह से भालू गांव में भोजन की तलाश में आ जातें हैं। हम लोगो ने गांव में एक वन समिति बनाई है, जो ग्रामीणों को वन के पेड़ों की कटाई करने से रोकते हैं। हमारे गांव में अब जंगल नहीं है बस कुछ झाड़ियां ही बची हैं। संपर्क@9424182008. (RM)
Posted on: Feb 27, 2021. Tags: CG KANKER NARAYANSINGH SAHU VANANCHAL SWARA
स्वास्थ्य स्वर: ओषधि शुद्ध शहद की पहचान कैसे करे...
(इटावा) से नोमान ओषधि शुद्ध शहद की पहचान कैसे करे,के बारे में बता रहे है |
असली और नकली शहद की पहचान करने का तरीका-इसके लिए आपको सबसे पहले सफ़ेद कपड़ा लेना है|और उस पर थोड़ा सा शहद डालिए | यदि उस कपड़े में दाग लग जाता है तो समझ ले यह शहद में मिलावटी की गई है |और यदि कपड़े में दाग नहीं लगता है तो वह असली शहद है | 2. एक मासिस की तिली ले और उस पर थोड़ा सा शहद डाल कर जलाये|यदि वह तिली जलता है तो यह शुद्ध शहद है |और नहीं जलता है ,वह नकली शहद है |
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: HELTH MEDICINE ITAVA NOMAN
कभी राम बनके कभी श्याम बनके...गीत-
जिला-रायगढ़(छत्तीसग) से दिनानाथ पटेल गीत सुना रहे है |
कभी राम बनके कभी श्याम बनके-
चली आना प्रभु जी चली आना-
तुम गणपति रूप में आना-
सिद्धि साथ लेके रिद्धि हाथ लेके-
चले आना प्रभु जी चले आना-
कभी राम बनके कभी श्याम बनके...(GM)
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: CG SONG DINANATH PATEL RAIGARH
वनांचल स्वर: घटते जंगल बढ़ती परेशानियां...
ग्राम-हिटारकसा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नारायण सिंह साहू बताते हैं कि उनके गांव में आए दिन भालू आ जाते हैं। अभी तक जान-माल का कोई नुक्सान नहीं हुआ है, लेकिन भालू अक्सर गन्ने और सब्जी की फसल को खराब कर देते हैं। ग्रामीण कभी भी भालुओं को नुक्सान नहीं पहुँचाते। जंगल कम होने की वजह से वहां फल-सब्जी नहीं मिलता जिस वजह से भालू गांव में भोजन की तलाश में आ जातें हैं। हम लोगो ने गांव में एक वन समिति बनाई है, जो ग्रामीणों को वन के पेड़ों की कटाई करने से रोकते हैं। हमारे गांव में अब जंगल नहीं है बस कुछ झाड़ियां ही बची हैं । संपर्क – 9424182008 (RM)
