हमारे गाँव का नाम भेजरी धान के नाम पर पड़ा, हम गोबर खाद की मदद से कई देसी धान उगाते हैं...
ग्राम-भेजरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से जगदीश यादव, बीज बचाओ-कृषि बचाओ यात्रा के दौरान उनके साथ गाँव के किसान सुन्दरलाल जी से मुलाक़ात की जिनसे परम्परागत फसलों के बारे में जानकारी ले रहे हैं इस गावं का नाम भेजरी धान के कारण पड़ा था क्योकि यहाँ पर बेझारी धान की फसल की पैदावार की जाती है इसमें इसमें मुख्यत गोबर खाद का उपयोग किया जाता है, और साथ में मिट्टी भी मिलायी जाती है जिससे इसकी पैदावार ज्यादा होती है जबकि सरकारी बीजों में यूरिया खाद का उपयोग किया जाता है वे बगरी, बर्रा, नवारी, लोहण्डी आदि किस्म के देसी धान उगाते हैं यहाँ पर धान के अलावा कोदो, कुटकी, उरद ,अरहर आदि फसलों की उपज भी होती है | जगदीश यादव@7697448583
Posted on: May 24, 2017. Tags: JAGDISH YADAV SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : जहरीले कीड़ों से बचने के घरेलू उपाय -
जगदीश यादव आज वैद्य रामलोटन कुशवाहा से बात कर रहे हैं जो बरसात के मौसम में जहरीले कीड़ों से बचने के उपाय बता रहे हैं. जब भी किसी व्यक्ति को सर्प काट ले तो बरसात के ही मौसम में केचुआ भी निकलता है जो बिलकुल सर्प की तरह दिखता है उसको लेकर व पीस कर दूध के साथ प्रभावित व्यक्ति को पिला दे 15 मिनट में जहर उतर जाता है ,यदि अन्य जहरीले कीड़े काट ले तो उसे बेल की जड़ जिसका पत्र भगवान शिव के ऊपर चढ़ता है उसको लाकर पीसकर प्रभावित व्यक्ति को जहाँ कटा है वहां पर लगा दें तथा उसके रस को पिला दे इससे आराम मिलता है. घर में कोई भी जहरीला कीड़ा न आये इसके लिए सर्पगंधा नाम की जड़ी-बूटी को घर में बांधते हैं जिससे कीड़े नहीं आते है | जगदीश@8602008333
Posted on: May 23, 2017. Tags: JAGDISH YADAV SONG VICTIMS REGISTER
अपने भी लूटे, अफ़सर से लुटवाए...जागृति गीत -
प्रखण्ड-विश्रामपुर, जिला-पलामू (झारखण्ड) से नन्दलाल यादव एक जागृति गीत सुना रहे है :
अपने भी लूटे, अफ़सर से लुटवाए-
दिलरवा हो, झार के दिखावों-
कायदा सुरक्षा कानून के नियम, 5 किलो देवे ला-
दिलरवा हो, एक व्यक्ति 4 किलो देवे है-
पूरा हक़ मांगने वालो का, राशनकार्ड कटवावेला-
दिलरवा हो दादागिरी दिखाए-
अरे सीजीनेट साथी के, बहुत बहुत धन्यवाद...
Posted on: May 23, 2017. Tags: NANDLAL YADAV SONG VICTIMS REGISTER
सुख का सूरज यहाँ नही ढलता है, जिन्दगी को सुकून यहाँ मिलता है...गीत -
ग्राम-गोविन्दपुर, पोस्ट-तेजपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अरविन्द कुमार यादव एक गीत सुना रहे है :
सुख का सूरज यहाँ नही ढलता है, जिन्दगी को सुकून यहाँ मिलता है-
माँ के आँचल की ठण्डी छाया है, पिता के प्यार का सर पे साया है-
थाम कर हाथ चलना सिखाया हमें, प्यार की थपकियों से सुलाया हमें-
यहाँ आसान नही चुकाना इनको हम पर, जो क़र्ज़ है-
माता पिता के चरणों में स्वर्ग है, माता-पिता के चरणों में स्वर्ग है...
Posted on: May 14, 2017. Tags: ARVIND KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER
देसी बीज, परम्परागत कृषि ज्ञान के दस्तावेजीकरण के लिए मध्यप्रदेश में एक माह की यात्रा हो रही...
जिला-बैतूल (मध्यप्रदेश) से जगदीश आज बीज बचाओ यात्रा से बोल रहे हैं जिसका आज पड़ाव बैतूलमें था इस यात्रा का मकसद है प्रदेश की भूली बिसरी बीज के किस्मो जातियों के संरक्षण हेतु कार्य करना। मध्यप्रदेश राज्य विविधता बोर्ड एवं कृषि विभाग की पहल पर यह यात्रा की जा रही है इस यात्रा के माध्यम से बीज बचाओ, जमींन बचाओ का सन्देश दे रहे है, यह यात्रा मध्यप्रदेश के ३५ जिलो में भ्रमण करेगी एवं किसानो से चर्चा करेगी इस यात्रा के माध्यम से जैव विविधता का आँकलन करना है, परम्परागत बीजो को बचाने का काम करना, पूरे मध्यप्रदेश में लुप्त हो रहे बीजो को बचाना, दस्तावेजीकरण करना भी है, यात्रा से जुडी अधिक जानकारी के लिए आप इस यात्रा से जुड़े साथी जगदीश से बात कर सकते है... जगदीश@9424745340
