हमर जन्म भुईया ला बचावा दादा रे, गोंडवाना भुईयां ला बचावा दादा जी...गीत
गांव जेल्हा पारा, पंचायत-पासल, पोस्ट-बिहारपुर,ब्लॉक-ओड्गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जियन सिह एक गीत सुना रहें है:
बचावा दादा रे, बचावा भैया ओ-
गोंडवाना भुईयां ला बचावा दादा जी – हमर जन्म भुईया ला बचावा दादा रे-
बचावा दीदी वो बचावा भैया वो बनावा दादा जी-
गोंडवाना राज्य लौटावा भईया रे-
बचावा बैया वो बचावा बाबू वो बचावा दादा रे-
जनम-वनम भुइयां ला बनावा दादा रे...
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: CG JIYAN SINGH PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: गूमा (द्रोण पुष्पी) के पौधे के औषधीय गुण...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हम सभी को गूमा या द्रोण पुष्पी के पौधे के औषधीय गुण बता रहे हैं: गूमा (द्रोण पुष्पी) का यह औषधीय पौधा हमारे प्राकृतिक वातावरण में ही हमारे आसपास पाया जाता है, यह औषधि आधे सिर दर्द होने पर (यह दर्द प्रातः काल से शुरू होकर दिन ढलने तक होता है) में काफी उपयोगी है यह तकलीफ होने पर गूमा के पत्ते के कर्क (काढ़ा) बनाकर कपाल (माथा) लेप करने से आराम मिलता है| इसके अतिरिक्त गूमा के पत्तों के रस को 1-1 बूंद नासिका में डालने से भी लाभ मिलता है, यह सरल एवं सुखद घरेलु उपचार है जो सभी कर सकते हैं बहुत प्रभावकारी होता है:वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Sep 01, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : दाल मखाना के पौधे के औषधीय गुण...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय दाल मखाना के औषधीय गुण के बारे में बता रहे हैं: दाल मखाना का पौधा अधिकतर तालाबों में मिलता है, इस पौधे की अधिकतम लम्बाई 2 फीट होती है इसकी पत्ती हल्की, लम्बी और चौड़ी होती है, जोड़ों में दर्द में इन पत्तियों को अच्छी तरह से पीसकर लेप करने से लाभ मिलता है, ताकत के लिए इसके बीजों के साथ कोंचबीज (फल) को शुद्ध करके चूर्ण बनाकर 3 ग्राम शक्कर या मिश्री के साथ मिला कर दूध के साथ सेवन करने से शक्ति मिलता है, कोंच के बीजो को गाय के दूध में गर्म करके शुद्ध किया जा सकता है, ये उपचार निशुल्क घर में बिना कोई पैसे दिए कर सकते हैं | संपर्क नम्बर@9424759941.
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
जा रे कही देबे चंदा...छत्तीसगढ़ी गीत
पतराज सिंह मरकाम, ग्राम पंचायत-कटरा, ब्लाक-मरवाही, जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़ी भाषा में एक गीत सुना रहे हैं:
जा रे कही देबे चंदा-
जा रे कही देबे चंदा-
चदैनी कौन गले भोले-
नयन में सुरता झोले-
करोंदा वन मा भोले ओ...
Posted on: Aug 29, 2018. Tags: BILASPUR CG CHHATTISGARHI MARKAM PARTAJ SINGH SONG VICTIMS REGISTER
रक्षाबंधन भाई बहन के बीच भावना का त्यौहार है, इस पर सिर्फ पैसे खर्च करने का औचित्य नहीं है...
कैलाश सिंह पोया रक्षाबंधन त्यौहार के बारे में बात कर रहे हैं उनका कहना है कि भाई बहन बनाना भावना की बात है हम किसी को भाई या बहन मानते हैं तो उस रिश्ते को मानना भावना की बात है पर इस तरह के त्यौहारों में पैसे खर्च करके राखी खरीदना और मिठाई आदि पर अधिक खर्च करने से सेठ साहूकार का ही फायदा होता है उनका कहना है कि हमें इन सब बेकार के खर्च से बचना चाहिए और यह आदिवासी समाज का त्यौहार नहीं है तो इस पर उनका औरों को देख कर अपने पैसे बर्बाद करना सही बात नहीं है पर हमें इस त्यौहार की भावना को समझकर भाई बहन बनाकर उनके साथ रिश्ता बेहतर करने का प्रयास हम सभी को करते रहना चाहिए | कैलाश सिंह पोया@9753553881
