लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की हिफाजत...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना-
रोशनी होगी चिंगारो को जलाये रखना-
लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की आजाद-
लहू देकर की है जिसने गोंडवाना की हिफाजत-
उस वीरांगना के दिखाये मार्ग पर जरुर चलना होगा...
Posted on: Sep 25, 2018. Tags: CG GONDWANA KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
आना मेरे गाँव तुम्हे मै दूँगी फूल कन्हेर के...कविता-
म पंचायत-सिलफिली, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से प्रिया सिंह एक कविता सुना रही हैं :
आना मेरे गाँव तुम्हे मै दूँगी फूल कन्हेर के- कुछ कच्चे कुछ पक्के घर हैं, एक पुराना ताल है- सड़क बनेगी सुनती हूँ, इस कारण मेरी शान है- छत पे आना टीले ऊपर, कई पेड़ हैं बेर के- बाबा ने था पेड़ लगाया बापू ने फल खाये हैं- भाई कैसे उसे काटने को रहते ललचाये हैं...
Posted on: Sep 24, 2018. Tags: CG POEM PRIYA SINGH SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
झालर पिया कोन बाने, झाला में झालोसे हिया तोरे...गीत
ईमलीपारा, ग्राम पंचायत-पेंडारी, तहसील, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुद्धू सिंह एक गीत सुना रहे हैं :
झालर पिया कोन बाने, झाला में झालोसे हिया तोरे- पंछी तो रातै रे उड़ी चले जातै- जहां के सुनछेला ले आये रे, नजर भरिक देख आतें- झाला में झालोसे हिया तोरे, झालर पिया कोन बाने...
Posted on: Sep 24, 2018. Tags: CG SINGH SONG SUDDU SURAJPUR VICTIMS REGISTER
जाग जा गांव के गरीब किसान...किसान जागरूकता गीत
ग्राम-देवरी, थाना-चंदौरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया सरगुजिहा भाषा में एक किसान जागरूकता गीत सुना रहे है:
जाग जा गांव के गरीब किसान-
जन्म आज लेहिन आहा चोर लुटेरे बेईमान-
लुटे बेमान भईया लुटतटे बेमान-
भाई से भाई ला लड़ते घुस सुग्घर खाथे-
ये दोगला मन करथे मनमान-
जाग-जाग गांव के गरीब किसान-
आज जन्म लेहिन आहा चोर अउ सेतान-
जाग-जाग गांव के गरीब किसान...
Posted on: Sep 24, 2018. Tags: CG FARMER KAILASH SINGH POYA PRATAPPUR SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
सूना है आँगन और सूना ये मन...भजन-
बरहा गुटरा, ग्राम-मुरमा, पोस्ट-कटकोना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से राम सिंह एक गीत सुना रहे हैं :
सूना है आँगन और सूना ये मन-
गुरुवर न जाओ यही कहती है धड़कन-
तुम छोड़ के जाओगे, हम सबको रुलाओगे-
यादों के मीठे पल प्यार ये गुरु वाणी है-
बड़ी ही सुहानी है आज है जुदाई गुरुवर आंसू की रवानी है-
गुर के बिन कोई भी ज्ञान कहाँ पायें न...
