वनांचल स्वर: कान दांत के दर्द की औषधि...

ग्राम-हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीर सिंह पटेल बताते हैं कि उन्हें जंगल से औषधि मिलती है। वीर सिंह पटेल एक परंपरागत वैद्य हैं। जंगल से उन्हें कान के दर्द और दांत के दर्द की दवाई मिलती है। छीन्द के पेड़ की छाल कान दर्द के इलाज के लिए शर्तिया दवाई है। उसे कूट कर लगाने पर सूजन भी कम हो जाती है।

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VEERSINGH PATEL

जीवन ज्योति देवे धोबी होले...गीत-

धौलपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से अनिषा तिग्गा गीत सुना रही है|
जीवन ज्योति देवे धोबी होले-
डहर कोनो दिन रातो वे होले-
मोर जीवन बाती मे नीची होले-
दुनिया अन्दर दिशी होले-
जीवन रूपी में दोबी ओले-
प्रभु मोके न जून जुड़ा बे-
कई हो मोके न भुला बे...(GM)

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: ANISHA TIGGA CG HINDI SONG SARGUJA

वनांचल स्वर: जंगल पर विपरीत असर पड़ा और पेड़ों की कटाई ज़्यादा बढ़ गई...

ग्राम-कराठी, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, छत्तीसगढ़ से वीर सिंह बता रहे हैं कि उन्होंने पिछले 40 सालों से जंगल को बढ़ते घटते देखा है। जंगल में जो पशु-पक्षी थे वे पूरे विलुप्त हो गए हैं। 2006 में केंद्र सरकार वन अधिकार कानून लाई थी, जिसका जंगल पर विपरीत असर पड़ा और पेड़ों की कटाई ज़्यादा बढ़ गई। बढ़ती आबादी के कारण जंगल में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हुई। गांव के लोगों भी जल-जंगल को ध्यान नही दे रहे हैं। शायद वह सोच रहे हैं कि आगे चल कर पेड़ों की ज़रूरत नहीं रहेगी। आदिवासी समाज जंगल का दोहन बाकी लोगों से कम करता है। अब उनका प्रयास है की जंगल बचना चाहिए। (185685) GT

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VEERSINGH

वनांचल स्वर: लोग सल्फी को नशे के रूप में उपयोग करते हैं, अधिक पीने हानिकारक है...

ग्राम-कराठी, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीर सिंह पद्दा जी सल्फी के उपयोग के बारे में बता रहे हैं। कुछ लोग सल्फी को नशे के रूप में उपयोग करते हैं। अधिक सेवन करने से यह हानिकारक हो जाती है। गर्मी के समय में इस पेय पदार्थ को उत्तम माना जाता है।

Posted on: Mar 05, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VIRSINH PADDA

वनांचल स्वर: पहाड़ो पर स्थित किले और वन संपदा की जानकारी...

ग्राम-हिंदुबिना पाल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) शेर सिंह आँचला जी गुट्टा नामक गाँव है, जहां पर कटे हुए पेड़ो के अवशेष हैं, जिनको देखकर लगता है वहां बहुत सारे पेड़ होंगे। और वहां प्राचीन समय पर सभ्यता के होने का अंदेशा है। इसी की सीमा क्षेत्र में एक पहाड़ भी है, जिसे गुट्टा मुटा नाम से जाना जाता है। राजनांदगांव जो महाराष्ट्र की सीमा पर है, पूरी जगह चट्टान नुमा है। पहाड़ भी बहुत संकीर्ण है। जब हम अगस्त महीने में सांस्कृतिक समारोह में गए थे। वहां जो पहाड़ी है वहां माता का मंदिर है, मंदिर में जामे के लिए सीढ़ीनुमा रास्ता बनाया गया है। आदिवासी लोग सीधे होते हैं, लेकिन जैसे जैसे परिवर्तन हो रहा है लोग भी आपराधिक प्रवृत्ति के हो रहे हैं। पर्यटन स्थल के रूप में भी यह जगह जानी जाती है। किनारकोटा नामक जगह भी साथ में ही है, और अबूझमाड़ भी सटा हुआ है। और यहां देवी का भी मन्दिर है। (185508) GT

Posted on: Mar 05, 2021. Tags: CG KANKER SHER SINGH ACHALA VANANCHAL SWARA

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