सहकार रेडियो : बाल चौपाल (तरक़ीब खेल की)
श्रोताओं, सहकार रेडियो के कार्यक्रम “बाल चौपाल” में आज आप सुनेंगे कहानी “तरक़ीब खेल की”| इसे अपनी आवाज़ दी है आईआईटी दिल्ली की शोध छात्रा तनूजा निगम ने | कहानी के लेखक हैं पवन चौहान और इसे हमने लिया है अनुराग ट्रस्ट की त्रैमासिक बाल पत्रिका “कोंपल” से| आपको ये कार्यक्रम कैसा लगा हमें ज़रूर बताइयेगा| ये कार्यक्रम सहकर रेडियो से लिया गया है | इस कार्यक्रम 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सुन सकते हैं |
Posted on: Jun 30, 2020. Tags: BAL CHAUPAL SAHKAR RADIO SONG VICTIMS REGISTER
मईया के दर्शन करा दो पिया...गीत-
बिजुरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से भूमिका एक गीत सुना रही हैं:
पल पल न माने मोरे जिया-
मईया के दर्शन करा दो पिया-
मईया हमारी चुनरी की दीवानी-
सर पे ओढ़ी चुन्नट रानी-
मईया हमारी बिंदिया की दीवानी-
पल पल न माने मोरे जिया-
मईया के दर्शन करा दो पिया... (AR)
Posted on: Jun 27, 2020. Tags: ANUPPUR BHUMIKA MP SONG VICTIMS REGISTER
हरे हरे और गीले गीले, लाल बैगनी और कुछ पीले...गीत-
बिजुरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रुकसार खान एक कविता सुना रही हैं:
हरे हरे और गीले गीले-
लाल बैगनी और कुछ पीले-
तरह के होते पत्ते-
बड़ी तरह के होते पत्ते-
कुछ हांथी के कान के जैसे-
फड़फाड़ाये शैतान के जैसे-
कटे फटे कुछ मोड़े, कुछ पान के जैसे... (AR)
Posted on: Jun 27, 2020. Tags: ANUPPUR MP POEM RUKSAR KHAN SONG VICTIMS REGISTER
मुह धोऊंगी पानी से मुन्ना कहता नानी से...कविता-
बिजुरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रुकसार खान एक कविता सुना रही हैं:
मुह धोऊंगी पानी से मुन्ना कहता नानी से-
प्यासे पानी पीते हैं, पानी से सब जीते हैं-
जाने कब से पानी है कितनी बड़ी कहानी है-
कहीं ओस है बर्फ, कहीं पानी हि क्या भाप नहीं-
सब रूपों में पानी है कहती ऐसे नानी है-
नदिया बहती कल कल कल-
झरने गाते छल छल छल छल... (AR)
Posted on: Jun 27, 2020. Tags: ANUPPUR MP POEM RUKSAR KHAN SONG VICTIMS REGISTER
मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम...गीत-
बिजुरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रुकसार खान एक गीत सुना रही हैं:
मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम-
स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम-
मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम-
स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम-
कैसा पावन सुहावन समय आज है-
आप आये अतिथियों के सरताज हैं-
देव की भांति पूजन करें आज हम...
