हैण्डपंप खराब हो गया हैं पानी की बहुत ही पारेशानी हो रहीं हैं...मदद की अपिल-
ग्राम पंचायत-चम्पागढ़,जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से प्रेमबती बता रहीं हैं उनके गाँव में हैण्डपंप की समस्या हैं दो माह हो गया हैं हैण्डपंप खराब हो गया हैं पाईप फट गया हैं, जिससे लोगो को पानी की बहुत ही पारेशानी हो रहीं हैं, इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपिल कर रहीं हैं, सम्पर्क नम्बरों में बात करके समस्या का समाधान कराने में मदद करें| पी एच ई विभाग का सम्पर्क नम्बर@7047603066,9425173278 सम्पर्क नम्बर @9575719589. (183636) RM
Posted on: Jan 07, 2021. Tags: SONG VICTIMS REGISTER WATER PROBLEM
तेरे चरणों में शीश झुकाऊंगा माँ...गीत-
जिला-पूर्णिया (बिहार) से भक्त प्रहलाद एक गीत सुना रहे हैं:
तेरे चरणों में शीश झुकाऊंगा माँ-
चाहे शरण में ले, चाहे नर्क में दे माँ-
तेरे चरणों में शीश झुकाऊंगा माँ-
चाहे स्वर्ग मिले, चाहे नर्क में दे माँ-
तुही भारती जगदम्बे भवानी माँ-
तुही जग तारणी हितकारनी माँ...(AR)
Posted on: Jan 07, 2021. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER
मैया भुवन बिराजे सिंग वाहनी हो माँ...भक्ति गीत-
जिला-उमरिया (मध्यप्रदेश) से राजा बैगा एक भक्ति गीत सुना रहें है:
मैया भुवन बिराजे सिंग वाहनी हो माँ-
बेटी कहने लागे कुम्हरा की-
सुन बाबुल हमार अच्छे-अच्छे कलश बनें-
जहा देवी दरबार कलश चढ़ाव दुर्गा के-
मैया भुवन बिराजे सिंग वाहनी हो माँ...(183623) GT
Posted on: Jan 07, 2021. Tags: BHAKTI SONG SONG VICTIMS REGISTER
ज्ञान विज्ञान : जय शनि महाराज की- विनोद रायना-
ज्ञान विज्ञान : जय शनि महाराज की- विनोद रायना
श्रोताओं, ज्ञान-विज्ञान की श्रृंखला में आज प्रस्तुत है शनि “देव” से जुड़ी जानकारियां| जो इस ग्रह से जुड़े अंधविश्वासों से पर्दा तो उठाती ही है, साथ ही उससे जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें भी आप इसमें जानेंगे| ये लेख प्रकाशित किया है ‘भारत ज्ञान विज्ञान समिति’ ने| इसे लिखा है विनोद रायना जी ने| आवाज़ है जयपुर राजस्थान से सुनीता जी की| ध्वनि संपादन किया है शिल्पी ने|
Posted on: Jan 06, 2021. Tags: REDIYO SAHAKAR SONG VICTIMS REGISTER
काबर भूले रे आदिवासी मन...गोंडवाना गीत-
ग्राम-भेड़िया, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजकुमार पोया एक गोंडवाना गीत सुना रहें है:
काबर भूले रे आदिवासी मन-
अपन गोंडी धर्म इतिहास-
धर्म हवे पिता भाषा हवे माता-
काबर भूले रे आदिवासी मन...(183593) GT
