जल जंगल प्यारी- जन जन को मिले पर्यावरण शिक्षा...कविता-
ग्राम-दम्कसा, जिला-कांकेर(छ्त्तीसगढ़), हमें एक बुजुर्ग मिले जिन्होंने बगीचा में कई तरह के पेड़ पौधे, वनस्पती उगाई हुई है| वो कविता भी लिखते हैं उन्होंने बोर्ड पर कविता लिख बगीचे में लगे हें है| आइये पढ़ते हैं उनकी कविता-
जल जंगल प्यारी-
जन जन को मिले पर्यावरण शिक्षा-
पेड़ पौधे करें वन की रक्षा-
पशु पक्षी जीव जगत मानव हितकारी-
पेड़ पौधे वनस्पति जल जंगल प्यारी-
नवपल्लवित पेड़ पौधे नवपल्लवित पेड़ पौधे-
पेड़ पौधों की हरियाली से युक्त-
प्रकृति और पर्यावरण रहे प्रदूषण मुक्त-
पेड़ पौधे बढें, बने छायादार महल-
मिलेगी शुद्ध हवा, रहेंगे हरे भरे जंगल-
पेड़ पौधे जल जंगल अभिनन्दन करें-
प्रकृति नित नव रूप धरे-
ज्योति रूप सुरे चाँद तारे-
धरती माँ का गोद भरे-
अनंत रूप जग सारे न्यारे-
लता तरुवर स्वागत करते-
पक्षी जगत गुणगान करते-
कोटि कोटि हम नमन करे-
बंधन और अभिनन्दन करें-
प्रकृति की लीला अपरम्पार-
उसे प्रणाम मेरा बारम्बार...(185744)
Posted on: Mar 09, 2021. Tags: CG KANKER PRYAVARN POEM SHERSINH ACHALA
हमसे का भूल हुई जो ये सज़ा हमका मिली...गीत-
मटिया आलम, निबुआ नारंगिया, जिला-कुशीनगर, उत्तरप्रदेश से सुकई कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं:
हमसे का भूल हुई जो ये सज़ा हमका मिली-
अब तो चारों ही तरफ़ बंद है दुनिया की गली-
हमसे का भूल हुई जो ये सज़ा हमका मिली-
दिल किसी का न दुखे हमने बस इतना चाहा-
पाप से दूर रहे झूठ से बचना चाहा...
Posted on: Mar 09, 2021. Tags: KUSHINAGAR SONG SUKAI KUSWAHA UP
होली खेलय राधा नंदलाल...फाग गीत-
सीजीनेट श्रोता लक्ष्मीनारायण माली एक होली (फाग गीत सुना रहे हैं, “होली खेलय राधा नंदलाल”|
होली खेलय राधा नंदलाल-
बिरज मा होली खेलय...
अपने संदेश रिकॉर्ड करने के लिये 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं| (AR)
Posted on: Mar 09, 2021. Tags: CG CHAMPA HOLI JANJGIR LAKSHMINARAYAN MALI SONG
दौड़ में तो सभी दौड़ते है...गीत-
जिला-जमशेदपुर झारखण्ड से बाबूलाल सरदार एक गीत सुना रहे है:
दौड़ में तो सभी दौड़ते है-
इनाम एक ले जाता है-
तू ऐसे दौड़ो इनाम जित लो-
तू अपनी दौड़ को पूरी कर लो-
दौड़ में तो सभी दौड़ते है-
इनाम एक ले जाता है...
Posted on: Mar 08, 2021. Tags: BABULAL SARDAR HINDI JAMSHEDPUR JHARKHAND
वनांचल स्वर: वनों और जीव जंतुओ के संरक्षण के लिये प्रयास होना चाहिये...
ग्राम-दमकसा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से निवासी शेरसिंह आँचला बता रहे हैं कि कोयलीबेड़ा गाँव पखांजुर तहसील के अंतर्गत आता है| गाँव के पास से मेढ़की नदी गुजरती है| उसी के पास घोड़ा बेड़ा गाँव है जहाँ पर सागौन के पेड़ पाये जाते हैं| घोड़ा बेड़ा के आगे भामराकोट पहाड़ी है जहाँ पर कुरसेल जल प्रपात है जो एक सुंदर जगह है| वहां पर कई तरह के जानवर पशु, पक्षी पाये जाते थे लेकिन अब वनों की कटाई और उत्खनन आदि के कारण ये सब ख़त्म होते जा रहे हैं इसलिये इनके संरक्षण के लिये प्रयास होना चाहिये |
