सीजीनेट रिपोर्ट के बाद अधिकारियों ने नलकूप खुदवाने का आश्वासन दिया था, अब तक नहीं हुआ...
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया जो कि ग्राम देवरी के वार्ड क्र.1 के रहने वाले मूल निवासी है जिन्होंने सीजीनेट स्वर मे एक संदेश रिकॉर्ड किया था कि उनके गाँव में नलकूप नही है जिसके बाद P.H.E विभाग के कर्मचारी आये थे और कहा था कि बारिश खत्म होने के बाद नलकूप या बोरवेल खनन करवा देंगे लेकिन आज तक बार बार उनको यह आश्वासन याद दिलाने के बाद भी वह नहीं हुआ है| आप सभी से अनुरोध है कि कृपया इन अधिकारियों से बात कर उन पर दबाव डालें जैसा आपने पहले भी किया था P.H.E विभाग@09424252366, कलेक्टर चुरेन्द्र@ 9893509012, S.D.M.@9424166557, C.E.O साहब@9406128383.कैलाश पोया@9575922217.
Posted on: Jan 09, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
आरे हे हे हे हे हे माया अनूपपुर आ गए भाई...गीत
कैलाश पोया ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर से हैं अभी वर्तमान में जिला-अनुपपुर के जमुड़ी गाँव में सीजीनेट के कार्यशाला में आए हुए हैं और वहां से एक गीत सुना रहे हैं:
आरे हे हे हे हे हे माया अनपपुर आ गए भाई-
घर छोड़ अनुपपुर में आई आवा संगी-
अमरकंटक जाई-
अमरकंटक गोडवाना के गढ़ किला ताला बंद-
सब कुछ आब आ नजर भी दिखाई...
Posted on: Jan 08, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA
अमरकंटक चलो रे रे रे अमरकंटक चलो भाई...गोंडवाना गीत
कैलाश पोया ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं जो अभी वर्तमान में अनुपपुर जिला के जमुड़ी गाँव में सीजीनेट स्वर के कार्यशाला में आये हुए हैं | वे एक गोंडवाना गीत सुना रहे हैं :
अमरकंटक चलो रे रे रे अमरकंटक चलो भाई-
अमरकंटक चलो रे रे रे अमरकंटक चलो भाई-
14 जनवरी दादा रतन हीरा सिंह मरकाम के जन्मदिवस हैं रे रे रे-
अमरकंटक चलों रे रे अमरकंटक-
गोडवाना के गढ़ किला तालबा ही बनाही अमरकंटक...
Posted on: Jan 06, 2017. Tags: KAILASH POYA
इस नए साल नशामुक्ति का प्रण लें, बुज़ुर्गों का सम्मान करें और मिल-जुल कर रहने का प्रयास करें...
ग्राम पंचायत-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पोया नए वर्ष के अवसर पर सभी सीजीनेट श्रोता और कार्यकर्त्ताओं को बधाई और धन्यवाद दे रहे हैं और अपनी कुछ बातें लोगों तक पहुचा रहे हैं वे कह रहे हैं कि हमें नये वर्ष के अवसर पर अपने को नशा मुक्त करने का प्रण करना चाहिए | हम इस दुनिया में बाज़ार जाने की तरह आए हैं और हमें एक दूसरे से लड़ाई झगडे नही करना चाहिए | हम सब को मिल कर के रहना है | नए साल में खूब मज़े करें अच्छा पकवान बनाएं और अच्छा अच्छा खाना खाएं और अपने बुज़ुर्गों का सम्मान करना न भूलें, अपने माता-पिता के पैर छूएं जिससे ये दुनिया सभी के लिए एक बेहतर दुनिया बन सके । कैलाश सिंह पोया@9575922217
Posted on: Jan 02, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
जवानी गए भोरे भोरे.. परिवर्तन पर सरगुजिहा बोली में गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से कैलाश पोया एक सरगुजिहा गीत सुना रहे हैं:
जवानी गए भोरे भोरे-
कोने समयहा मेहन करमा अल्होरे-
जवानी तो गए भोरे भोरे-
कोने समयहा मेहन दौ खेली कूदी ले-
समयहा तो गए भोरे भोरे-
जवानी समयहा मेहन करमा अल्होरे-
जवानी गए भोरे भोरे...
