तोला माठी कोडेला,तोला माठी कोडेला...शादी गीत
जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से कैलाश सिंह पोया है उनके साथ बाबूलाल नेटी है जो है एक शादी गीत सुना रहे है:
तोला माठी कोडेला,तोला माठी कोडेला-
नहीं आवेगा धीरे-धीरे अपन बहनी ले धीरे-धीरे...
Posted on: Jan 26, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
समाज सेवा करना आसान नहीं, कभी कष्ट उठाना पड़ता है...गोंडवाना गीत
ग्राम-भेड़िया, पोस्ट-भेड़िया, थाना-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर,
(छ.ग.) से राजकुमार पोया एक गोंडवाना गीत सुना रहे हैं:
बड़ा खुश नसीब होगा वह व्यक्ति-
जिसका नाम गोंडवाना के काम आये-
गोंडवाना पसीना मांगे तो खून देना चाहिए-
समाज सेवा करना आसान नहीं कभी कष्ट उठाना पड़ता है-
कभी पानी मिले कभी शरबत मिले कभी प्यासे रहना पड़ता है-
समाज सेवा करना आसान नहीं कभी कष्ट उठाना पड़ता है-
कभी चावल मिले कभी पूड़ी मिले,कभी भूखे रहना पड़ता है...
Posted on: Jan 26, 2017. Tags: RAJKUMAR POYA SONG VICTIMS REGISTER
हुए दौड़ जंगल के अन्दर जंगल में एक वृक्ष खड़ा था...जंगली जानवरों पर कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
हुए दौड़ जंगल के अन्दर जंगल में एक वृक्ष खड़ा था-
सब वृक्षों से बहुत बड़ा था लम्बा चौड़ा छायादार-
उसके नीचे था बाजार बंदर बेच रहा था आलू-
उसको तौल रहा था भालू हिरण लिया सब्जी का ठेला-
बेच रहा था हरा केला लवकी कुमडा और पपीता-
लेकर आये बुडाल चिता खरदा हरी मिर्च ले आये-
बंदरिया को उसे चखाये लेकिन मिर्च बहुत थी तीखी...
Posted on: Jan 24, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
सीजीनेट के दोहाई, सीजीनेट के दोहाई...सीजीनेट पर कविता
जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया सीजीनेट पर एक कविता सुना रहे है:
सीजीनेट के दोहाई सीजीनेट के दोहाई-
हमके ला राह दिखाई सीजीनेट के दोहाई-
घर ले निकले अनुपपुर में आई-
अनुपपुर पाठशाला खुलवाई-
हमके दुनिया ला दिखाई-
सीजीनेट के दोहाई-
भाई सीजीनेट के दोहाई-
हमके दुनिया ला दिखाई...
Posted on: Jan 22, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: पथरी का घरेलू उपचार
ग्राम देवरी, जिला-सूरजपुर ( छत्तीसगढ़ ) से कैलाश सिंह पोया पथरी की बीमारी का एक उपचार बता रहे है |वे बता रहे हैं पथरचट्टा पौधे का रंग हरा होता है, इस पौधे के पत्तोंके चारो ओर कांटे के समान होते है, यह जलाशय या गीली वाली जगहों पर अक्सर पाया जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम bryophyllum pinnatum है. इसकी एक-एक पत्ती सुबह-शाम खाने से पथरी की बीमारी ठीक हो जाती है, ऐसे ही 5 दिन तक रोजाना लेने से पथरी समाप्त हो जाती है. गाँव के लोग इसका भरपूर उपयोग करते हैं और इससे किडनी और गाल ब्लैडर आदि के पथरी को गलाया जा सकता है. अधिक जानकारी के लिए आप कृपया सम्पर्क करें वैद्य रूपलाल मरावी@7089415537.कैलाश सिंह पोया@9575922217
