वनांचल स्वर: पहले के लोग जंगल पहाड़ से करील, चिरोटा भाजी आदि खाकर जीवन यापन करते थे...
ग्राम-वेरसेनार, पंचायत-बेसगाँव, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गाँव की बुजुर्ग महिला पार्वती गोंडी भाषा में सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा की रानो वड्डे को बता रही है कि पहले ज़माने के लोग जंगल पहाड़ से जाकर सब्जी भाजी ढूँढकर लाते थे जैसे करील, चिरोटा भाजी पहले आदिवासी लोग ये सब खाकर जीवन यापन करते थे जिससे वे स्वस्थ रहते थे पर वे कह रही हैं कि आज के लोग पूरा बाजार पर निर्भर हो गए है| और अभी बाज़ार में सभी चीज में केमिकल मिला वाला खाना मिलता है, चावल में केमिकल है सब्जी में केमिकल है और चूंकि हर चीज बाजार से लेकर खा रहे हैं इसलिए अब के लोग जल्दी और बार बार भी बीमार पड़ जाते है|
Posted on: Aug 09, 2018. Tags: CG GONDI KANKER PARVATI VANANCHAL SWARA
रीलो रीलो रीलो एलो सो रीलो रीलो रो एलो ले...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-जैतपुर, पंचायत-बेहसालेभट, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गाँव की महिलाएं एक गोंडी विवाह गीत सुना रही है:
रीलो रीलो रीलो एलो सो रीलो रीलो रो एलो ले-
कारेंगा कारेन्गा मिसन्गा आकिंग कारेलेन्गा दादा ले –
एदला दयाकाल एलो ले नाना मर्मिंग दयाकाल रो एलो ले –
कारेंगा कारेन्गा मिसन्गा आकिंग कारेलेन्गा एलो ले-
देवा एलो देवा निमा यो मिसन्गा आकिंग कारेलेन्गा दादा ले...
Posted on: Aug 09, 2018. Tags: CG GONDI SONG KANKER RANO WADDE
Scholarship news for students and youth in Gondi: 9th August 2018 -
छात्रवृत्ति राष्ट्रीय स्तर
1.पेट्रोलियम कांसेर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन(पीसीआरए) पोएम/सांग कांटेस्ट 2018-
2.इंटरनेशनल फाइनेंस ओलिंपियाड 2018-
3.एम-स्कॉलरशिप 2018 – आवेदन कैसे करें.इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए इच्छुक विद्यार्थियों को अपने स्कूल की मदद से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।-अंतिम तिथि.15 अगस्त, 2018-
आवेदन हेतु लिंक:http://www.b4s.in/CGS/M217-
सीजीनेट स्वर पर प्रसारित होने वाली इन सभी छात्रवृत्तियों, प्रतियोगिता व फैलोशिप से संबंधित जानकारी के लिए आप इस फोन नंबर 852 748 4563 पर बात कर सकते हैं।-
Posted on: Aug 09, 2018. Tags: GONDI GONDI RAMESH KUNJAM NEWS
हमारे गाँव का नाम तल्लाबेड़ा कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी (गोंडी भाषा में)
ग्राम-तल्लाबेड़ा, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से ग्रामीण मंगूराम, लक्ष्मण सिंह और श्यामलाल सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के अंकित पड़वार को बता रहे है कि आज उनके गाँव में लगभग 100 घर है और बहुत वर्ष पहले उस गाँव का नाम तल्लाबेड़ा कैसे पड़ा| बताया जाता है कि वहां पर शेर का बहुत आतंक था जो किसी भी जानवर का शिकार करता था और उसका सिर को लाकर यहाँ गाँव में छोड़ता था, गोंडी भाषा में सिर को तल्ला कहा जाता है, इसलिए गाँव का ये नाम दिया गया, यह नाम उनके पूर्वजों ने दिया है पूर्वजों के समय में उस गाँव में लगभग 6-7 घर ही थे, जो आज बढ़कर 100 घर है | अंकित पडवार@9993697650.
Posted on: Aug 09, 2018. Tags: CG GONDI KANKER LAKSHAN SINGH MANGURAM SHYAM LAL
ओरा बोरा मर्मिंग एलो सुहेलिंग कोयेलिंग...गोंडी गीत
गणेश्वरी दुग्गा और मनीषा दुग्गा ग्राम-चाहचड, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे है:
रे रे रे लोयो रे रे रेला रे रे रेला रेला-
ओरा बोरा मर्मिंग एलो सुहेलिंग कोयेलिंग-
दादा बाता अंगे वाता अंगेजी वर्कांता-
तमुन बाता हेलाड वाता कोय्तोडिंग वर्किनता-
ताना पेज्ड हेलड वाता इया बूती हेद्यता-
रे रे रे लोयो रे रे रे रेला रे रे रेला रे ला...


