गाँव गाँव में हो सरकार, बांटो दिल्ली के अधिकार...
ग्राम-सेंवार, थाना-चकरभांटा, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) की साथी रुक्मणी यादव एक कविता सुना रही है:
हमारा पता, राज सत्ता-
गाँव गाँव में हो सरकार, बांटो दिल्ली के अधिकार-
घर के कोने में नहीं रहेंगे, राज करने से नहीं डरेंगे-
बनाएं एक नया सत्ता, बचा सत्ता से राज सत्ता-
महिला सरपंच बन रही हैं, राजनीति सुधर रही है-
वोट हमारा राज हमारा-
विकास का नया पता, आधी नारी आधी सत्ता-
महिलाओं का सही जेवर, सम्मान का पूरा अवसर-
घर घर में हैं कस्तूरबा जी, कैसे ढूंढें गांधी जी-
हम सगी नहीं, पर पक्की बहनें-
हम सगी नहीं, पर पक्की बहनें...
Posted on: Mar 28, 2018. Tags: Rukmini Yadav SONG VICTIMS REGISTER
महिषासुर मर्दिनी माता तोला गोहराओं हो...भक्ति गीत
ग्राम-पलढा, पोस्ट-कोटया, थाना, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राकेश कुमार यादव एक गीत सुना रहे हैं :
महिषासुर मर्दिनी माता तोला गोहराओं हो-
डोंगा खड़े हे मजधार मा दाई डोंगा खड़े हे मजधार मा-
मोला उबार देना हो दाई मोला तै तार देना हो-
कुदरगढ़ के माता कुदरगढ़ी तोरे गुण ला गावों-
दर्शन दे दे दाई मै हां तोर चरन ला परों-
कुदरगढ़ के माँ बघेश्वरी तोर चरण मा जागों...
Posted on: Mar 15, 2018. Tags: RAKESH KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER
पति जिसको चाहे सुहागन वही है...गीत
ग्राम-पलढा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राकेश कुमार यादव एक सुहागन गीत सुना रहे हैं:
पति जिसको चाहे सुहागन वही है-
घर द्वारो से बिगड़े अभागन वही है-
माता-पिता के चरणों में चारो धाम है-
पति की बातों में वही कुर्बान है-
पति जिसको चाहे सुहागन वही है...
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: RAKESH KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER
हाय रे हाय रे ऋषि मन पहारे करिन पूजा..सरगुजिया गीत
ग्राम-पलडा, पोस्ट-कोटेया, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राकेश कुमार यादव एक गीत सुना रहे हैं :
हाय रे हाय रे ऋषि मन पहारे करिन पूजा-
बड़ा भारी छत्तीसगढ़ सरगुजा संगी-
छत्तीसगढ़ ला कहिथे गोरी धान के कटोरा-
सरगुजा में देवी देवता करिन है बसेरा-
धन हमर छत्तीसगढ़ के माटी महान हो-
हाय रे संगी हो ऋषि मन पहारे करिन पूजा...
Posted on: Mar 11, 2018. Tags: RAKESH KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER
रचो-रहो मनचल राजा बहाओ दर्द की सिमरिया...विवाह गीत
जिला-मंडला (म.प्र.) से लेखराम यादव एक विवाह गीत सुना रहे हैं:
रचो-रहो मनचल राजा बहाओ दर्द की सिमरिया-
होतो पंडित कहे मरे बिन भावर न चढ़े-
तुमरे पेच चले रे आगे बाण-
जागे तो बेटा बेटी भवर चढ़े...
