ओथी रे पिपरा तारे सोनरा छनले दोकनियां छानी रे देले ना...सादरी भाषा में झूमर गीत
ग्राम-सूर्रा, जिला- बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सुमित्रा जी सादरी भाषा में एक झूमर गीत प्रस्तुत कर रही हैं, जिसे शादी के अवसर पर गाया जाता है:
ओथी रे पिपरा तरे सोनरा छनले दोकनियां छानी रे देले ना-
ऊजे सोनरा दोकनियां छानी रे देले ना-
घर में से बोललेन पतरी तिरियवा मोलावे लगलें ना-
ऊजे नाक के नथियवा मोलावे लागले ना-
जल्दी-जल्दी सोनरा भइया करा ना मोलइया रोवत होइहें ना-
हमार गोंदी के बालकवा रोवत होइहें ना...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
कृष्णा मारे गुलेल से फूटे गगरी, फूटे गगरी जी भींगे चुनरी...भोजपुरी गीत
ग्राम-धनेशपुर, पंचायत-विश्रामनगर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से आशा कुमारी, ज्योति कुमारी, बिन्दू कुमारी व अनीता कुमारी एक क्षेत्रीय गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
कृष्णा मारे गुलेल से फूटे गगरी, फूटे गगरी जी भींगे चुनरी-
घर में सासू पूछे बहुआ का बिगड़ी-
बिगड़ी से बिगड़ी हमार बिगड़ी-
राउर बेटा अलबेला की का बिगड़ी-
कृष्णा मारे गुलेल से फूटे गगरी...
Posted on: Apr 28, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
माटी ला छोड़ि तै कहां जाबे रे संगी, माटी के कर्जा चुकाना...छत्तीसगढ़ी गीत
जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सरला श्रीवास छत्तीसगढ़ी भाषा में एक माटी का गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
माटी ला छोड़ि कहां जाना-
माटी ला छोड़ि तै कहां जाबे रे संगी, माटी के कर्जा चुकाना-
येही माटी माँ रे संगी खेले-कूदे है-
येही माटी मा मिल जाना-
माटी ला छोड़ि कहां जाना-
ये भूइयां के लालन बेटा, तै तो सिधवा नाम रे-
येही करम है येही धरम है येही गंगा धाम रे-
डोरी जिन टूटै रे संगी, बंधना जनि छूटै रे संगी-
भूइयां ले रिश्ता निभाना, हू लाला भूइयां रिश्ता निभाना-
माटी ला छोड़ि कहां जाना...
Posted on: Apr 15, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
सागर है स्वामी, बादल से पानी बरसेला...किसान गीत
ग्राम-बसेराकला, पंचायत-गिरिवारगंज, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से हीरामोती एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
सागर है स्वामी, बादल से पानी बरसेला-
नारंगी-नारंगी चम्पार भीगेला-
छोटा सा भइया छैला-छबीला-
तुमसे मैं हूँ ज्यादा रंगीला-
सागर है स्वामी, बादल से पानी बरसेला...
Posted on: Apr 14, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: इमली का लाटा बनाने की घरेलू विधि...
इमली के लाटा धूप, गर्मी के दिनों लिए बहुत लाभदायक होता है, बुखार में अक्क्सर मुंह का स्वाद बदल जाता है तो इमली का लाटा खाने से फ़ायदा होता है. इसे घर में आसानी से बनाया जा सकता है: लाटा बनाने की सामग्री-सूखा इमली, गुड़, नमक सूखा मिर्च, खड़ा धनिया, हरी मिर्च एवं लाटा में लगाने के लिए एक पतला बास की लकड़ी. विधि- इमली को सील पत्थर (सील बत्ते) पर कुचलकर दाने अलग निकाल दे. फिर थोड़ा और कुचले, अब सूखा मिर्च के टुकड़े कर इमली में मिश्रण करे उसके बाद थोड़ा और कुचले अब स्वाद अनुसार खड़ा धनिया, हरी मिर्च, नमक, गुड़ बनाए हुए मिश्रण में डालकर अच्छा मिश्रण कर कुचल ले अब कूटे हुए लाटा मिश्रण के गोले को बास की लकड़ी लगा दे, अब लाटा बनकर पूरी तरह तैयार है| आप स्वाद ले सकते है.

