जनमत सर्वेक्षण में अपनी अपने विचार बता रहें है...
सुजीत कुमार जिला-औरंगाबाद (बिहार) से बस्तर मांगे हिंसा से आजादी जनमत सर्वेक्षण पर अपनी रॉय बता रहें है, आज के समय में राजनीति हर जगह है कोई कार्य करने के लिए राजनीति जरुरी हो गया हैं और कही-कही पर राजनीति को लेकर कई वाद-विवाद घटनाए भी हो जाता है, इस लिए राजनीति करने से पहले अपनी सोच बदलना पड़ता हैं, सोच बदलने से एक-दुसरे के प्रति जागरूक होंगे और अगर किसी भी समस्या राजनैतिक स्तर पर समस्या करनी हैं तो उसे स्तर पर जाना होगा जहा दूसरी पक्ष खड़ा हो और और वह पर विचार-विमर्श निकाले तब ही इस हिंसा का समाधान निकल सकता हैं: सुजीत कुमार@7250099173
Posted on: Sep 03, 2020. Tags: PEACE SURVEY HINDI 1 SONG VICTIMS REGISTER
जनमत सर्वेक्षण के सन्दर्भ में अपनी राय बता रहें हैं...
पंचायत ढाड़करवा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से प्रेम परवचन बस्तर मांगे हिंसा से आजादी के विषय पर अपनी विचार पेश कर रहे है वे बता रहे हैं कि यह समस्या को सरकार शांतिपूर्ण चर्चा करके इस हिंसा में शांति लाने का प्रयास करना चाहिए और पुलिसकर्मी का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए आवश्यकता पड़ने पर पुलिसबलों का भी इस्तेमाल करना चाहिए ताकि इस विषय में शांति आ सकें : सम्पर्क@8120423711
Posted on: Sep 02, 2020. Tags: PEACE SURVEY HINDI 3 SONG VICTIMS REGISTER
जनमत सर्वेक्षण के सन्दर्भ में अपनी राय बता रहें हैं...
अंकुरी कुमार कोरी/ पिता – शंताशरण कोरी ग्राम हरदौहा, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से बस्तर मांगे हिंसा से आजादी जनमत सर्वेक्षण में अपनी राय बता रहें हैं, पुलिसकर्मी या सुरक्षा बलों के माध्यम से हिंसा को नही रोका जा सकता हैं, इस बस्तर मांगे हिंसा से आजादी के लिए सभी आम नागरिकों को एक मंच पर आकर विचार विमर्श करके इस कार्य को सफल बनाकर शांति की आहवान करें : संपर्क@8964095196.
Posted on: Sep 02, 2020. Tags: PEACE SURVEY HINDI 1 SONG VICTIMS REGISTER
जनमत सर्वेक्षण के सन्दर्भ में अपनी विचार व्यक्त कर रहे है...
भागीरथी वर्मा रायपुर (छत्तीसगढ़) से जनमत सर्वेक्षण में बस्तर में शांति स्थापित कैसे होगी इस विषय में अपनी विचार रख रहें हैं बस्तर संसाधनों से भरा पड़ा है, यहाँ सरकार के द्वारा संसाधनों का दोहन करने की प्रकिया जोरों से चल रहा है, जिसका खामियाजा आदिवासीयों को भुकतना पद रहा है, सरकार चाहती हैं, आदिवासीयों को जंगल से भगाया जाए और संसाधन को अधिक से अधिक जल्द स जल्द दोहन किया जाएआदिवासी जंगल को बचाये रखना चाहता है, आदिवासियों का जीवन यापन जंगल पर निर्भर करता है, जंगल ख़त्म हो जाएगा तो आदिवासी भी ख़त्म हो जायेगा दूसरी तरफ नक्सवादी भी जंगल को बचाए रखना चाहते है इसलिए आदिवासी नक्सलियों से मदद लेते हैं और देते भी है | शांति प्रकिया के लिए सरकार और आदिवासीयों के बीच बातचीत कर हल निकाला जाए बंदूक से कभी शांति नही हो पायेगा बन्दुक से आदिवासी मरे या पुलिस मरे मरने वाला भारतवासी ही होगा दोनों मजदूर किसान के बेटे हैं, इसलिए बातचीत का ही रास्ता अपनाना चाहिए: भागरथी वर्मा@9039142049 RK
Posted on: Sep 01, 2020. Tags: PEACE SURVEY HINDI 3 SONG VICTIMS REGISTER
जनमत सर्वेक्षण के सन्दर्भ में अपनी राय बता रहें हैं...
ग्राम-भेड़िया, पोस्ट-भेड़िया, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से गोंडवाना राजकुमार पोया बस्तर में चल रहीं हिंसा में या बस्तर जनमत सर्वेक्षण में अपनी राय विचार पेश कर रहें हैं, आज से ठीक 40 साल पहलें सन 1980 में दंडकारण्य की जंगलों में आये और वह पर आंध्रप्रदेश, तेलन्गाना, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उड़ीसा, मध्यप्रदेश इस राज्यों में फैले हुये हैं माओवाद का प्रकोप है वास्तविक दृष्टि से देखो तो माओवाद आज के समय में माओवाद आदिवासीयों के बीच से है और पुलिसकर्मी भी आदिवासीयों के बीच से हैं, अगर आदिवासी ही इस एक दूसरें के विरोध में खड़े है, इसका मतलब हम अपने ही लोगों के जान के दुश्मन बने हैं मेरी रॉय से इन सभी पक्षों को किसी विशेष मंच को विचार-विमर्श करें और इन युद्ध में विराम की बिंदु लगायें क्योंकि इस देश और दुनिया में विवासी करनें वालें सभी एक सामान हैं और हम सब बराबर है इसमें किसी प्रकार की कोई भेदभाव नही रखना चाहिए : संपर्क@8103153059 (174496) RK
