हे प्रभु तुम शक्तिशाली को बना दे सृष्टि को...प्रार्थना गीत
आश्रित ग्राम-मस्गा, पंचायत-सोनपुर, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से स्कूल के बच्चे भगवती कोल और सावित्री गावडे एक गीत सुना रहे है:
हे प्रभु तुम शक्तिशाली को बनादे सृष्टि को-
वेद सब गाते तुम्हे हैं कीजिये धन वृष्टि को-
प्रेम से मिलकर सब चलें भोले सदा ज्ञानी बने-
पूर्वजों की भांति हम कर्तव्य की मानी बने-
हो विचार समान्य चित मन सब एक हो-
ज्ञान दो हे प्रभु बराबर हो कृपा हने कहो...
Posted on: Jun 02, 2018. Tags: BHAGWATI KOL SAVITRI GAWDE SONG VICTIMS REGISTER
नीमिया पतइया झरि जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी...विवाह गीत
ग्राम-संतोषी नगर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से कुछ छात्राएं एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं, गीत का सन्दर्भ यह है कि घर में नई-नवेली बहू नीम के पत्तों, कचरों से अनुरोध करती है कि जेठजी सामने बैठे हैं कृपया आँगन में मत आओ, मुझे बहारने में दिक्कत होगी:
नीमिया पतइया झरि जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी-
ओहि रे अंगनवां में ससुरजी के डेरा-
घुंघटा कढ़त दिन जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी-
ओहि रे अंगनवां में भसुरजी के डेरा-
घुंघटा कढ़त दिन जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी...
Posted on: May 15, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSAKOLE SONG VICTIMS REGISTER
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन पापा थरथर कांपल हे... सरगुजिया विवाह गीत
ग्राम-बलोर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक ग्रामीण महिला सरगुजिया भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं, यह गीत विवाह के समय गाया जाता है:
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन पापा थरथर कांपल हे-
हथवा लगावल दुलहा अनजान दुलहा अवदा निहामण हे-
धीरे रहु हे बाबू धीरे रहु और गम्भीरे रहु ना-
जब पापा कुशल संकल जन करिहें तब गनिराउर हे-
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन बेटी थरथर कांपल हे...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSAKOLE SONG VICTIMS REGISTER
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के...गीत
ग्राम पंचायत- चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक छात्र सुनील सिंह एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के-
कुछ कच्चे कुछ पक्के घर एक साल पुरान के-
सड़क बनेगी सुनती हूं इनका नंबर साल है-
चकते आन टीड़े ऊपर कई पेड़ हैं बेर के-
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSKOLE SONG VICTIMS REGISTER
आदिवासी दादा रो विनय कोलब दादा रो...आदिवासी गोंडी गीत
आसिफाबाद, जिला-कुमुरम भीम (तेलंगाना) से आतराम भीमराव कोलामे एक गोंडी आदिवासी गीत सुना रहे है:
आदिवासी दादा रो विनय कोलब दादा रो-
भगवंतक सिता पन्त सीरे पोके न्येंड वे-
किले अपा कल्ले कुर कल्ला कुर न्येंडगे वरा में-
पण प्लम तिन्दे ये मेनुंगे बलामे-
विनय कोलब दादा रो आदिवासी दादा रो...
