कंदा कुसला तो भोजन लाही रे, चंपा पडिगे हे अकेल...सरगुजिहा बाल गीत-
ग्राम-भरदा, पोस्ट-कोटया, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रामसिंह टेकाम सरगुजिहा भाषा में एक कहानी और गीत के माध्यम से एक बच्चे की व्यथा को सुना रहे हैं :
कंदा कुसला तो भोजन लाही रे, चंपा पडिगे हे अकेल-
माता पिता अजनवईयापुर में, हंसा हर फिरथे अकेल-
फेको चला रोड वन में कारी कुवरी-
एगा रघुवर हर बीने
फिर चला रुण्ड बन में कारी कुहेर-
माता-पिता बनवास लिखेंन हो लिखीन बनकी आवहेल...
शीसा तो मुनि हर जता लोके-
कन्दा कुसला तो भोजना लागी रे चंपा पड़े है अकेल...
Posted on: Sep 30, 2018. Tags: CG CHILDREN PRATAPPUR RAMSINGH TEKAM SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
impact: Government recorded our statement after report on CGnet Swara...
ग्राम-सिंहपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हेमसिंह मरकाम छत्तीसगढ़ी भाषा में बता रहे हैं, उन्होंने 2 महीने पहले एक समस्या सीजीनेट में रिकॉर्ड किया था, जिस समस्या के निराकरण के लिए उन्होंने उसके पहले आदिवासी आयोग में भी आवेदन किया था लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही थी, जिसमे वन विभाग, पुलिस विभाग और गाँव के कुछ लोगो द्वारा ताड़ीदहरा के आदिवासी लोगो को प्रताड़ित किया गया था, जिसकी सुनवाई 8 दिन पूर्व सीजीनेट के सांथियो के मदद से हो गई जब उन्होंने अधिकारियों पर फोन कर के दबाव डाला था, इसलिए वे सभी सीजीनेट के सांथियो और उन अधिकारियों को जिन्होंने उनकी मदद की सभी को धन्यवाद दे रहे हैं : हेमसिंह मरकाम@9575248234.
Posted on: Sep 27, 2018. Tags: CG HEMSINGH MARKAM IMPACT KABIRDHAM PANDARIA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गूंजा या रत्ती के पौधे का औषधीय गुण और प्रयोग-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय गुंजा या रत्ती के औषधीय गुणो और उसके उपयोग के बारे में बता रहे हैं, गुंजा के पत्तो और मिश्री को एक साथ चबाकर-चबाकर चूसने से कंठ विकार अर्थात गले की बीमारी में लाभ मिल सकता है,
दूसरा : दांत में कीड़े होने पर गुंजा के जड़ का दातुन के रूप में प्रयोग कर सकते हैं, इसके रस से दांत के कीड़े नष्ट हो सकते हैं, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Sep 27, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHWENDRA SINGH RAI SONG SWARA SWASTHYA TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : नागरमोथा घास के औषधीय गुण और प्रयोग-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय नागरमोथा घास के औषधीय गुण को बता रहे हैं, नागर मोथा को गोंदला की जड़ के नाम से भी जाना जाता है, उसके जड़ का उपयोग सिर के बालो को धोने के लिए किया जाता है,
दूसरा: नागरमोथा को तीली के तेल में पकाकर, भृंगराज या घमरा चारा और अवाले के चूर्ण को मिलाकर बालो में लगाने से बाल संबंधी विकार दूर हो सकता है, केवल तीली के तेल में पकाकर भी बाल संबंधी समस्या में उपयोग कर सकते हैं,
तीसरा: घाव हो जाने पर नागरमोथा के जड़ को देशी घी में घिस कर उस स्थान पर लगाने से घाव ठीक हो सकता है : राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Sep 27, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHWENDRA SINGH RAI SONG SWARA SWASTHYA TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
हाय रे हाय हाय जिन्दगी हर दिन चारी...कर्मा गीत-
ग्राम-देवरी, थाना, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा गीत सुना रहे हैं:
हाय रे हाय हाय जिन्दगी हर दिन चारी-
का कहय बहन अटारी जिन्दगी हर बड़ा भारी-
काकर बने भाई छींदे कर झाला जिन्दगी होगे दिन चारी-
काकर बने पका अटारी, जिन्दगी होगे दिन चारी-
किसान मजदूर कर बने, छींदकर झाला...
