रे रेलायो रे रे ला रे रेला रे रेला...गोंडी गीत-
पोडियम नरेन्द्र कुमार आदिवासी गोंडी भाषा में गीत सूना रहे हैं|
रे रे लयो रे रेला रे रेला रेला रे रेला...
रे रेला रे रेला रेला-
ला ला ला ला लल्ला ला-
लोकमु उडोरु मत्कु बेला मिन्देले यव्वा-
वेर्वे के वेर्के के तेदिले ओ यव्वा-
नांगालू उड़दा नांक निम्मा अंजोर मत्कुले...
Posted on: Sep 17, 2019. Tags: GONDI KUMAR PODIAM NARENDRA SONG
रे रे लयो रे रेला...गोंडी गीत-
पोडियम नरेन्द्र कुमार गोंडी भाषा में आदिवासी गीत सूना रहे हैं :
पोक्को करे पोको बेगा मिन्दीगा-
आटो पक्का इटो पक्का फ्रेंड्स पोरो मिन्दिगा-
रे रे लयो रे रेला रे रेला रेला-
रे रे लयो रे रेला, रे रेला रेला...
Posted on: Sep 17, 2019. Tags: GONDI PODIAM NARENDRA SONG
तीना ना मोर नानो रे, तीना नाना मोर नान रे...गोंडी गीत-
ग्राम पंचायत-खोड़गाँव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से ईतवारु एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
तीना ना मोर नानो रे, तीना नाना मोर नान रे-
साड्डी पुर सार ते तोर चल्ले मदेर रेयो-
ओहोर चल्ले मांदर रे-
अप्पन मंदन देश ते हन्नोर बार केवे-
तीना ना मोर नानो रे, तीना नाना मोर नान रे...
Posted on: Sep 16, 2019. Tags: CG GONDI NRAYANPUR PANCHU MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
रे रे लोयो रे रे रला रे लोयो...गोंडी गीत-
ग्राम-खड़गाँव, जिला नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से सियाबती, अनीता, बिरादो और रामबती गोंडी में गीत सुना रही हैं, वहां पर अभी गणेश उत्सव मनाया जा रहा है |
रे रे लोयो रे रे रला रे लोयो-
रे रे लोयो रे रे रला रे लोयो...
Posted on: Sep 14, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG GONDI NARAYANPUR SONG VICTIMS REGISTER
'खरगोश और शेर का कहानी गोंडी भाषा में...
एक जंगल में एक शेर सभी जानवरों को मार कर खाता था| एक दिन सभी जानवर जंगल में बैठकर विचार किये, कि हर रोज उन में से एक शेर के भोजन के लिए जायेगा, उसके बाद ऐसा ही होने लगा, फिर एक दिन खरगोश का नंबर आया| खरगोश बहुत चालक था, वह धीरे-धीरे दोपहर के बाद शेर के पास पंहुचा| तब बहुत देर हो चुका था, और शेर भूख से गुस्सा हुये जा रहा था, खरगोश के आते ही शेर गुस्से से पूछा कहाँ थे, खरगोश बोला हुजूर मै सुबह ही आपके लिये निकल पडी थी, मगर रास्ते में और एक शेर आकर मुझे मारने लगा| ‘’यह बात सुनकर शेर को गुस्सा आया, और कहा कि इस जंगल में सिर्फ मैं राजा हूँ, दिखाओ उसे ‘’ऐसा कह कर वे दोनों एक कुआ के पास गये, शेर कुआ में अपनी प्रतिबिंब देखकर दूसरा शेर समझकर, उसे मारने को कुएँ में कूद पडा और डूबकर मर गया, फिर जंगल में सब जानवर सुख से रहने लगे|
