हम सबको रहता है जिसका इंतजार वह बसंत ऋतु आ जाती है...कविता-
भोपाल (मध्यप्रदेश) से सुनील सेन बसंत ऋतु के बारे में कविता सुना रहे हैं:
धरती एक बार फिर से देखो मुस्कुराती है-
हम सबको रहता है जिसका इंतजार-
वह बसंत ऋतु आ जाती है-
बसंत पंचमी के दिन-
जिस दिन सरस्वती पूजा जाती है-
समझो उसी दिन से धरती पर बसंत ऋतु आ जाती है...(AR)
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: POEM
वनांचल स्वर: घटते जंगल बढ़ती परेशानियां...
ग्राम-हिटारकसा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नारायण सिंह साहू बताते हैं कि उनके गांव में आए दिन भालू आ जाते हैं। अभी तक जान-माल का कोई नुक्सान नहीं हुआ है, लेकिन भालू अक्सर गन्ने और सब्जी की फसल को खराब कर देते हैं। ग्रामीण कभी भी भालुओं को नुक्सान नहीं पहुँचाते। जंगल कम होने की वजह से वहां फल-सब्जी नहीं मिलता जिस वजह से भालू गांव में भोजन की तलाश में आ जातें हैं। हम लोगो ने गांव में एक वन समिति बनाई है, जो ग्रामीणों को वन के पेड़ों की कटाई करने से रोकते हैं। हमारे गांव में अब जंगल नहीं है बस कुछ झाड़ियां ही बची हैं । संपर्क – 9424182008 (RM)
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: CG KANKER NARAYANSINGH SAHU VANANCHAL SWARA
सांवरी सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया...भक्ति गीत-
प्रयागराज (उत्तरप्रदेश) से अभिषेक कुमार एकभक्ति गीत सुना रहे हैं:
सांवरी सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया-
एक तो तेरे आंख तिरछी-
दूसरी काजल लगा-
तीसरा यूं नैने चुरा न-
दिल दीवाना हो गया-
सांवरी सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया...(AR)
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: BHAKTI SONG
जिस भजन में राम का नाम ना हो...भजन-
जिला-प्रयागराज से अभिषेक कुमार भजन सुना रहे है|
जिस भजन में राम का नाम ना हो-
उस भजन को गाना नहीं चाहिए-
चाहे बेटा जितना प्यारा हो-
उसे सर पे चढ़ाना नहीं चाहिए-
चाहे बेटी जितनी लाड़ली हो-
घर घर में घुमाना नहीं चाहिए है-
जिस भजन में राम का नाम ना हो...(AR)
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: ABHISHEK KUMAR PRAYAGRAJ BHAJAN
रू गोविन्द दोऊ खड़े काके लागूं पांये...दोहा-
जिला-चित्रकोट(उत्तरप्रदेश)से पुष्पराज मौर्य दोहे सुना रहे है:
गुरू गोविन्द दोऊ खड़े-
काके लागूं पांये-
बलिहारी गुरू अपने-
गोविन्द दियो बताये...(AR)
