पुल नही बना है, बरसात के दिनों में पानी भर जाता है...कृपया मदद करें
ग्राम पंचायत-बड़ेकिलेपाल, 02, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से रामूराम बता रहें हैं कि उनके गांव में बड़ेकिलेपाल से काकालोर तक पुल नही बना है, बरसात के दिनों में पानी भर जाता है लोगों को आने जाने में बहुत परेशानी होती है, इसके लिए उन्होंने सचिव सरपंच को शिकायत कियें है लेकिन कोई ध्यान नही दे रहें है, इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं से निवेदन कर रहे हैं कि दिये गये नंबरों पर बात कर समस्या को हल कराने में मदद करें : संपर्क@7646865931, सरपंच@9479238029, सचिव@9408073934, कलेक्टर@8488956694, कलेक्टर@8458956694
Posted on: Feb 12, 2022. Tags: BASTANAR BASTAR CG PROBLEM PULIYA
आजा रे आजा रे पिया सोन चिरईया रे...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कोट, पोस्ट-पटना, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रायसिंह शांडिल्य एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
आजा रे आजा रे पिया सोन चिरईया रे-
पीहू पीहू पपिहा करा थे गोहार-
सुनी सुनी कलपथे महुआ के डार-
ऐति डोले ओति डोले पिपरे के पान-
सुनी सुनी कलापथे महुआ के डार-
आजा रे आजा रे पिया सोनचिरईया रे...
Posted on: Feb 12, 2022. Tags: CG SONG SURAJPUR
रिम जिम रिम जिम पानी भरते...कविता
ग्राम-डोकम, ब्लाक-जजापुर, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़)से संपतनात यादव जी के सात बचें एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
बादल ऊपर बादल साजे चल भय्या-
रिम जिम रिम जिम पानी भरते-
बादल ऊपर बादल साजे चल भय्या...
Posted on: Feb 11, 2022. Tags: CG CHAMPA JAJAPUR JANJGIR POEM
पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सलियों ने घर में आकर जान से मार दियें...
ग्राम पंचायत-संगमपल्ली, ब्लाक-भोपालपटनम, जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से रामसाय पिता गुड्डू बता रहे हैं, उनके पिता जी पहलें शिक्षक प्रचार्य थे, फिर उन्होंने जिला सदस्य के लिए चुनाव लड़े| वे घर के सामने टहल रहे थे फिर नक्सलियों ने आये और उन्हें जान से मार दिए उन्अहें सरकार के तरफ से कोई सहयोग राशी भी नही मिला अधिक जानकारी के संपर्क नंबर@6260031132.
Posted on: Feb 10, 2022. Tags: BIJAPUR CG GUDDU MAOIST VICTIM RAMSAY VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर : नक्सलियों से पकड़ कर जंगल के अन्दर लेके गयें | फिर डर से वे लोग भाग कर आयें-
ग्राम-गुडरीपारा, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से मुनाराम वाड़दा जी बता रहे हैं कि इन्होंने नक्सलियों के कारण इनका मूल गाँव आलबेड़ा को छोड़कर गुडरीपारा आकर बस गए|इनका कहना है नक्सलीयों ने यह कहकर डराया की इनके पास ज्यादा जमीन है और ये अमीर हैं| डर से पूरा गाँव ले लोग ही घर छोड़कर गुडरीपारा आकर बस गए|इनको कहा गया था कि सरकार के द्वारा सहायता राशि मिलेगी जोकि अब तक नहीं मिल पाई है|इनकी मांग है इन्हे भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिले|अधिक जानकारी के लिए|
