ऐ भगत सिंह तू जिंदा है...गीत-
रायपुर (छत्तीसगढ़) से अवंतिका शर्मा एक गीत सुना रही हैं:
ऐ भगत सिंह तू जिंदा है, हर एक लहू के कतरे में-
हर एक लहू के कतरे में, इंकलाब के नारे में-
ऐ भगत सिंह तू जिंदा है, हर एक लहू के कतरे में-
तूने तो तभ ही बोला था यह आज़ादी नहीं यह धोखा है-
यह पूरी मुक्ति नहीं है यारो, यह गोरो के संग समझौता है-
इस झूटे जश्न की रौनक में, फंसे हुए किसानो में, रोये हुए जवानों में-
ऐ भगत सिंह तू जिंदा है...
Posted on: Jan 04, 2020. Tags: CG HD GANDHI RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : मधुमेह बीमारी का घरेलू उपचार-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से केदारनाथ पटेल मधुमेह बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं, जामुन की छाल को छाव में सुखाकर आग में जलाकर भस्म बना लें, जब ठण्डा हो जाये तब उस भस्म को एक बाल्टी पानी में दाल दें उसके बाद लकड़ी से 7 बार 2 घंटे के अंतराल में घोलते रहें और रात भर रहने दें उसके बाद सुबह बानी को बहा दें और नीचे जमे राख को धूप में सुखाकर पाउडर बनाकर रख लें, 10 ग्राम चूर्ण पानी के साथ खाली पेट सेवन करने से लाभ हो सकता हैं, अधिक जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Jan 04, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ के पावन भुइंया...कविता-
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से संजय कुमार साहू एक कविता सुना रहे हैं :
छत्तीसगढ़ के पावन भुइंया-
वही माटा माटी गा – जिन मा उपजे बदरहा धान-
बोर बासी मा अडबड मिठाथे गा-
सुर लगाके खाबे संगी-
चिर्कोटी पाताल के चटनी मा...
Posted on: Jan 04, 2020. Tags: CG KABIRDHAM POEM SANJAY SAHU SONG VICTIMS REGISTER
ए मोचो बस्तर माटी, नदी डोंगरी घाटी...गीत-
ग्राम-ककनार, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से रुकमनी और कविता साहू एक गीत सुना रही हैं :
ए मोचो बस्तर माटी, नदी डोंगरी घाटी-
काल तुन डा बस्तर माटी-
नदी डोंगरी घाटी-
ए मोचो बस्तर माटी, नदी डोंगरी घाटी-
काल तुन डा बस्तर माटी-
नदी डोंगरी घाटी...
Posted on: Jan 03, 2020. Tags: CG NARAYANPUR SONG SUKHDAI KACHLAM
श्री गुरु, श्री गुरु, श्री गुरु कहिये...भजन-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक गीत सुना रहे हैं:
श्री गुरु, श्री गुरु, श्री गुरु कहिये-
चाही विधि राखे गुरु वही विधि रहिये-
मुख में श्री गुरु नाम गुरु सेवा हांथ में-
तू अकेले नहीं बंदे गुरु भी है साथ में-
संधू संग तू रंग अंग अंग रागिये-
चाही विधि राखे गुरु वही विधि रहिये-
जिंदगी की डोर तो गुरु जी के हांथ में-
महलों में राखे चाहे झोपड़ी मे वास दे...
