अलंग तोलंग धोती गले यदा बही अंगा...गोंडवाना भक्ति गीत
ग्राम-धोबादाढ़,विकासखंड-प्रतापपुर,जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी गोंडवाना भक्ति गीत सुना रहे हैं :
अलंग तोलंग धोती गले यदा बही अंगा-
कहाँ जाता तीरत भरत घर आये गंगा-
घरे आये गंगा रे घर आये गंगा-
कहाँ जाता तीरत भरत कैसे आवे गंगा-
अलंग तोलंग धोती गले-
टपक टूया,टपक टूया महुआ के डोंगा-
टपक थीके भाग जागे सत नदी बोंगा-
अलंग तोलंग धोती गले...
Posted on: Apr 10, 2016. Tags: RUPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
अपने देशों का चाँद है तू, दिल में ऐसे हैं अरमान है तू...कविता
छतीसगढ़ के सरगुजा जिले के कछ्गवां गाँव से अंजू सिंह एक कविता सुना रही है :
अपने देशों का चाँद है तू-
दिल में ऐसे हैं अरमान है तू-
साथियों को कभी भूल जाना नहीं-
दिल में अपने को खूब है तेरी-
आसमाओं का चन्द्रमा है तू-
दिल्ररुबाओं का आसमां है तू...
Posted on: Apr 09, 2016. Tags: Amar Maravi SONG VICTIMS REGISTER
No electricity in our part of village, Rest of village has light, Please help us...
Ruplal Maravi is calling from Bhagatpara (ward no 6) under Dhummadand village and panchayat in Pratappur block of Surajpur district in Chhattisgarh. He says there is no electric connection in their para even poles are not erected though other parts have electricity. This was complained in panchayat many times but progress has been made till now. He is requesting to listeners of CGNet Swara to call Collector@9893599012 and Lineman@9926928887. For more you can reach@7089415537
Posted on: Apr 06, 2016. Tags: ELECTRICITY RUPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
इहौ रे ये परसत रे परसत रे गे मालिन कुंजानेवार...करमा गीत
ग्राम-चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से बसमतिया जी और साथी एक करमा गीत सुना रही हैं, यह गीत भादौं के महीने में करमा पूजा के समय गाया जाता है:
इहौ रे ये परसत रे परसत रे गे मालिन कुंजानेवार-
की हौ रे परसत रे गे...
Posted on: Apr 05, 2016. Tags: MONIKA MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
जो कानों में मधुरस घोले वे गीत सुनाते चले चलो...प्रेरक गीत
किलकारी बालकेंद्र, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से रवि वर्मा एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
जो कानों में मधुरस घोले वे गीत सुनाते चले चलो-
नफरत की दीवार तोड़कर कदम बढ़ाते चले चलो-
भेदभाव के बंधन तोड़ो बुरी बात से मुखड़ा मोड़ो-
ये पीड़ा सबकी पीड़ा हरते जाओ मन से मन का नाता जोड़ो-
रूठों को भी गले लगाकर उनको अपनाते चले चलो-
नफरत की दीवार तोड़कर कदम बढ़ाते चले चलो-
पूरे मन से करो पढ़ाई इसमें ही है खूब भलाई-
बिता समय न मुड़कर आता लाभ उठाने में चतुराई-
मेहनत का फल मीठा होता मेहनत करते चले चलो-
नफरत की दीवार तोड़कर कदम बढ़ाते चले चलो...
