बाबा तोरे नाम के जोड़ा जदी काम के, दर्शन करा दिये हो...गीत-
ग्राम-गोरबहरी, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से त्रिलोकी सिदार एक पंथी गीत सुना रहे हैं:
दिल है दीवाना गुरु पंथी के ताल के-
जग ला सुना दिये हो-
बाबा तोरे नाम के जोड़ा जदी काम के-
दर्शन करा दिये हो-
जीरोतपुरी मा का महिमा दिखाये-
सत के जान ला बाबा सबला बताये-
मरे बछिया ला गा तै हा जियाय...
Posted on: Jan 19, 2020. Tags: CG RAIGARH SONG TRILOKI SIDAR VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : बालो से संबंधित समस्या का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी बालो को धुलने का घरेलू तरीका बता रहे हैं एक काला घड़ा जिसे उपयोग न किया गया हो लें, एक किलो बाईबिडिन और दो किलो काली मिट्टी लेकर दोनों को मिलाकर घड़े में भरकर पानी डाल दें, 40 दिनों तक ऐसा रखे उसे सूखने न दे पानी डालते रहे, 40 दिन बाद उसको बालो के धोने में उपयोग करें, लाभ हो सकता है, इसका उपयोग करने से पहले संपर्क कर जानकारी लें : संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Jan 19, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : बबासीर का घरेलू उपचार-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल बबासीर का घरेलू उपचार बता रहे हैं, पिलिकज के बीज का मगज और चिकडा की जड़ सेंधा नमक, सोंठ, इंद्र जौ और अडूसे की जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लेना चाहिये उसके बाद आधे तोले की मात्रा में चूर्ण को लेकर छाछ के साथ सेवन करना चाहिये, एक हफ्ते तक उपयोग कर सकते हैं इससे लाभ हो सकता है अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Jan 19, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : पुरानी खांसी को ठीक करने का घरेलू नुस्खा-
ग्राम-कुम्हार गनिया पोस्ट-बाजारचार भाटा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य कनकराम कौशिक पुरानी खांसी को ठीक करने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, बादाम को बारीक़ पीस कर एक चम्मच चूर्ण बना लें और दो चम्मच शहद लें दोनों को मिलाकर सेवन करें खासी में आराम मिल सकता है, अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9179998149.
Posted on: Jan 19, 2020. Tags: CG HEALTH KABIRDHAM KANAKRAM KAUSHIK SONG VICTIMS REGISTER
अति भोजन हानिकारक है...दोहा-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व दोहा सुना रहे हैं :
अति भोजन हानिकारक है-
हानिकारक है अति मिठास-
हानिकारक है अति निकटता-
हानिकारक है अति विश्वाश-
अति मीठा न बोलिये मन में लोभ सरकार होय-
चिकित्सा कही न हो सके आजीवन तू रोय-
पालिये घर में भले चाहे बिच्छू सांप...
