दुर्बल को न सताइये, जाकी मोटी हाय...दोहा
राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र गंधर्व कबीरदास के दोहे के माध्यम से बता रहे हैं कि दुर्बल को नहीं सताना चाहिये, इससे उसकी हाय लगती है|
दुर्बल को न सताइये, जाकी मोटी हाय-
बिना जीव की श्वास से, लोह भस्म हो जाय...
Posted on: Mar 09, 2021. Tags: CG POEM RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV
सुंदर बेला कति मन भाई...गीत-
जिला-राजनांदगांव (छतीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
नटखट यामिनी आई-
सुंदर बेला कति मन भाई-
लोग देते बधाई-
मात पिता और दादा दादी-
हो गयी हरीभरी जीवन वादी-
घर घर बाज बधाई...(AR)
Posted on: Mar 06, 2021. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VIRENDRA GANDHARV
हे लोक प्रिय गाँधी तू शांति का सितारा...गीत-
जिला-राजनंदगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गन्धर्व एक गीत सुना रहे है :
हे लोक प्रिय गाँधी तू शांति का सितारा-
शहरों पर की निगाह पर हा ग्रामीणों का प्यारा-
इन्सान हो बराबर कोई नीच न कहाए-
ये जन करके तुन्हें हर जन वचन उचारा-
हे लोक प्रिय गाँधी तू शांति का सितारा-
ग्रामो की उन्नति हो उद्योघ ग्रामो का हो-
सबके लिए ही तूने अभिमान देश क हो ...(184433)
Posted on: Feb 22, 2021. Tags: CG HINDI SONG RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV
गणतंत्र रहे स्वतन्त्र रहे सदा हमारा देश...देश भक्ति कविता-
जिला-राजनंदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गन्धर्व कविता सुना रहे है:
गणतंत्र रहे स्वतन्त्र रहे सदा हमारा देश-
भाईचारे का यन्त्र रहे सदा हमारा देश-
लेना सीखे कम और देना सीखे ज्यादा-
दुनिया को सिखाए शिष्टता सभ्यता और मर्यादा-
मोहब्बत का मंत्र रहे सदा हमारा देश-
गणतंत्र रहे स्वतन्त्र रहे सदा हमारा देश...(184324)
Posted on: Feb 21, 2021. Tags: CG POEM RAJNANDGAON VIRENDRA GANDHARV
वनांचल स्वर: पहाड़ों में माओली माता का निवास होता है...
ग्राम-धनेलीकन्हार, तहसील-कोरर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र कुमार मारगिया उनके ग्राम में पूजे जाने वाले देवी-देवताओं के बारे में बता रहे हैं। स्थानीय निवासियों की मान्यता के अनुसार पहाड़ों में माओली माता का निवास होता है। तीज त्यौहार और मेले के समय लोग विधिवत तरीके से माता की पूजा अर्चना करते हैं, जिससे माता लोगों को आशीर्वाद देती हैं, बारिश लाती हैं, फसल अच्छी होती है और लोग निरोग रहते हैं। गांव के विकास के लिए राउड़ देव का निर्माण किया जाता है। यह माना जाता है कि वह देव नियुक्ति में प्रमुख स्थान पर हैं। गांव में शांति और भाईचारे की भावना को इसी तरह बनाए रखने के लिए लोग अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा करते हैं।
