Scholarships for students and youth in Gondi : 29th March 2018 -
छात्रवृत्ति राष्ट्रीय स्तर अमृता एंटरेंस एग्जामिनेशन- इंजीनियरिंग (एईईई) 2018-
2 : पीजीडीएम एडमिशन स्कॉलरत्तशप टू मैररटोररयस स्टू डेंट 2018 – 3:मोत्तिट फाउंडेशन पोस्ट ग्रेजुएशन एं डाउमेंट स्कॉलरत्तशप 2018 – आवेदन कै से करे इच्छुक आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।अंतिम तिथि 31 मार्च, 2018 इसकी अंतिम तिथि है।
आवेदन हेतु लिंक :http://www.b4s.in/CGS/PAS3
Posted on: Mar 29, 2018. Tags: GONDI UTTAM ATALA
देय तो कोया रा सीजीनेट ते...गोंडी लोकगीत
इंदिरा गांधी कला केंद्र दिल्ली से विष्णु देव पद्दा एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
देय तो कोया रा सीजीनेट ते-
कोया पलोरा कोया पुनेम पुन्देला-
नार गुडे पुन्देकाट तोंडा मंडा पुन्देकाट-
कुंडा ता नेंग तून सबै पुन्देकाट-
गोटुल हर्कुल पुन्देकाट पाटा पिटुंग केंजकाट-
देय तो कोया रा सीजीनेट ते-
Posted on: Mar 28, 2018. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER
सेवा जोहर नन्ना मिले, मॉस मन्नना, सोब लेता पल्लो, वडकाना...गोंडी गीत
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, दिल्ली से विष्णु देव पद्दा जो कि (छत्तीसगढ़) से है एक गोंडी भाषा में गीत सुना रहे हैं:-
सेवा जोहर नन्ना मिले, मॉस मन्नना-
सोब लेता पल्लो, वडकाना-
ईद्दे मावती, जिन्दगी रंड दिया ना-
गोंडवाना राज रा, गोंडी मावा पल्लो रा-
सुनतता सुल, वडकाना...
Posted on: Mar 22, 2018. Tags: SONG UTTAM ATLA VICTIMS REGISTER
री री लोयो रेला रे रेला जय सेवा री री लोयो रेला रे रेला...गोंडी गीत
विश्रामपुरी, ग्राम-हातमा, तहसील-केशकाल, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से रजूला नेताम एक गोंडी गीत सुना रही है :
री री लोयो रेला रे रेला जय सेवा री री लोयो रेला रे रेला-
माठी धरती जोहर लागी रा जय सेवा-
रीरी लोयो रेला रेरेला जय सेवा-
रीरी लोयो रेला रे रेला-
लिंगो मुदिया जोहर लागिरा...
Posted on: Mar 17, 2018. Tags: UTTAM ATALA
अब गोंडी भाषा में भी एक जैसी समान शिक्षा, पत्रकारिता और प्रशासन का काम किया जा सकेगा...
जिला-गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) से उत्तम आतला बता रहे हैं कि दिल्ली में 7 दिवसीय गोंडी कार्यशाला का आयोजन 19 से 23 मार्च के बीच किया गया है ताकि गोंडी का एक मानक शब्दकोश तैयार कर 8वी अनुसूची में शामिल किया जा सके| मध्य भारत में बड़ी संख्या में गोंडी भाषी लोग रहने के बावजूद भी दुर्भाग्य है कि इस भाषा में न कोई समाचार पत्र है न कोई टीवी चैनल और न ही रेडियो| इसका कारण यह है कि यह आज विभिन्न बोलियों के समुच्चय के रूप में है, अभी तक इसकी एक मानक भाषा नही बनी है, लेकिन अब निरंतर संघर्ष और कड़ी मेहनत के बाद गोंडी के शब्दो का संचय कर एक मानक शब्दकोष तैयार करने के लिए काम जारी है , कार्यक्रम से जुड़े सभी लोगों को बहुत धन्यवाद : उत्तम आतला@9404984074.


