लानी बानी एड़िया पियर परदनिया...सोहाग गीत
ग्राम पंचायत-मोहली, ब्लाक-ओड़गी, जिला-सुरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजमती और श्रीमती एक गीत सुना रही हैं :
लानी बानी एड़िया पियर परदनिया-
पियाजी देबय चढ़ाय रानी के सोहागवा-
बाबा होड़ करी रोवय रुमाल आंस पोछय-
बइठे होड़ कर रोवय नीर धार-
अरे बड़की होड़ तरी रोवय नीर धार-
लाली बानी एड़िया में पियर परदनिया पियर परदनिया...
Posted on: Jun 10, 2018. Tags: SARALA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
बेली-चमेली के फूलवा केकरो हाथे शोभे हो लाल...झूमर गीत
बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से कुसुम और उर्मिला देवी एक झूमर गीत गा रही हैं, जो कि शादी के समय गाया जाता है:
बेली-चमेली के फूलवा केकरो हाथे शोभे हो लाल-
राम-लखन दोनों भाई या ओनको हाथे शोभे हो लाल-
ओठवा उपारेस बहियाँ पनिया हमसे मांगे हो लाल-
पनिया पेठइबो साथी ननदी सामने नहीं होइबो हो लाल-
बारहा बारिश केऊ मारिया नजर लगी जइहइं हो लाल...
Posted on: May 28, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
दिल्ली शहर कतेक दूर कतेक दिन में अइबा बलमू...झूमर गीत
ग्राम-संतोषी नगर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से मैनामती, पितरमनी व अन्य महिलाएं एक झूमर गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
दिल्ली शहर कतेक दूर कतेक दिन में अइबा बलमू-
खइबू जहर मरि जइबू त पीछे पछतइबा बलमू-
टिकवा जेल्हनिया लाल्हकदारे सवतिया जीनि लइहा बलमू-
दिल्ली शहर कतेक दूर कतेक दिन में अइबा बलमू...
Posted on: May 15, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
नारी तुम कितना महान, तेरा कैसे करूं बखान...नारी शक्ति पर गीत
ग्राम-झल्पी, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से अमरदीप नारी शक्ति पर एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
नारी तुम कितना महान, तेरा कैसे करूं बखान-
तेरे ही गोंद में खेले राम-कृष्ण-भगवान-
तेरा पद कितना महान, कैसे करूं बखान-
तुम श्रद्धा की मूरत हो, तुम प्रज्ञा की सूरत हो-
तुम ही निष्ठा कल्याणी, तुम ही देवी कात्यानी-
तेरी ममता जाने सकल जहान, तेरा कैसे करूं बखान-
नारी तुम कितना महान...
Posted on: May 01, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
हई रे दई रे नार नदी बहे ललकारी...सादरी भाषा में देशवारी गीत
ग्राम-बनौर, पंचायत-चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से शांती सादरी भाषा में एक देशवारी करमा गीत प्रस्तुत कर रही हैं जिसे भादौं के महीने में गाया जाता है:
हई रे दई रे नार नदी बहे ललकारी-
करी नदी बहे ललकारी-
बीच के नदी बहे घरी घरी रे-
करी नदी बहे ललकारी...

