रे रे रेलयो रे रेला रेला रे लोयो...गोंडी गीत
जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से शांति उसेंडी और राजकुमारी गोटा एक गोंडी गीत सुना रही है:
रे रे रेलयो रे रेला रेला रे लोयो-
अल्ले दीदी केलयो अल्ले दीदी ले-
बारी इन्जोम केंजोम दीदी ले-
बारी इत्ती केंजोम अल्ले दीदी ले-
माकून पाटा वायो अल्ले दीदी ले-
रे रे रेलयो रे रेला रेला रे लोयो...
Posted on: Apr 13, 2018. Tags: SHANTI USENDI RAJKUMARI GOTA GONDI SONG VICTIMS REGISTER
बहुत प्यार करते है झंडे से हम...देशभक्ति गीत -
ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से शांति कुमारी 26 जनवरी के उपलक्ष में एक देशभक्ति गीत सुना रही है:
बहुत प्यार करते है झंडे से हम-
कसम चाहे ले लो वतन की कसम-
बहुत प्यार करते है भारत से हम-
हमारी गजल है तसउर तुम्हारा-
वतन के बिना अब न जीना हमारा-
बहुत प्यार करते है झंडा से हम...
Posted on: Jan 27, 2018. Tags: SHANTI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER
बेटा न होते बेटी मोरे अंगना में रहते वो...विवाह गीत -
ग्राम-हटका चारामा, ब्लाक-नरहरपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से शांति सोडी एक विवाह गीत सुना रही है:
बेटा न होते बेटी मोरे अंगना में रहते वो-
आज न ताऊ बेटी हो गए परदेशनन हो-
दाई दादा के नोनी बेटी कहलाये हो-
सास ससुर के नोनी बहु कहलादे हो-
जनर हो जनर वो मोरा नोनी दुलोहरिन-
शंकर हावे पारबती तोला मिले सुन्दर पति...
Posted on: Jan 05, 2018. Tags: SHANTI SODI SONG VICTIMS REGISTER
गर्भहीं अधमोख झूले मल मूत्र भारेल हो...सोहर गीत -
ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी शांति एक सोहर गीत सुना रही हैं. यह गीत बच्चे के जन्म के समय पर गाया जाता है :
गर्भहीं अधमोख झूले मल मूत्र भारेल हो – संतो जठर गेनी बहु संसावे संकट गर्भ होवेल हो – तलफी तड़प जीव मारेल मुख बोल ना पावेल हो – संतो करुणा करिके पछताता अरुचि स्वांस ना आवेली हो – कास दुःख यह का हो मित्र संगिन देखेन हो – संतो पिछला जनम सुधि आवे समुझी मन विवेकन हो...
Posted on: Dec 03, 2017. Tags: KUMARI SHANTI SONG VICTIMS REGISTER
सजनी से जा चलो पिया अत्भुत दर्शन पाए...झूमर गीत -
ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से शांति एक झूमर गीत सुना रही हैं :
सजनी से जा चलो पिया अत्भुत दर्शन पाए – पीला समिप कर चुनरी पहिरो सेंदुर निर्भय लाग – कौन तिल सखी मांग सवारों प्रेम के इतर लगाय – साप्री खोई डोरी हिंडोलन चढत चढत चढ़ जाये –
पीवा मिले दुःख दुर भय सब स्वामी सदा फल पाए – सजनी से जा चलो पिया अत्भुत दर्शन पाए...
