देश विदेश में बढ़ते कंचन...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
जब जब होय करम धरम की हानि-
तब तब बढे रोग अभिमानी-
जन जनता पर जब करे मनमानी-
तब जन धन की होये हानि-
जनता जब रहे प्रसन्न-
तो देश विदेश में बढते कंचन-
सभी के पास रहे धन कोई न रहे निर्धन...

Posted on: Mar 21, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

ये दुनिया एक माया नगरी...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ये दुनिया एक माया नगरी-
यहाँ की खेल निराली-
जिसे तुम अपना समझो-
वही देती तुम्हे गाली-
इंसानों का लगा यहां मेला-
पर विष भरा फनकार-
मुख पर मीठी छूरी बांधे-
खोज रहे कोई बड़ा शिकार...

Posted on: Mar 20, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

पटाखे की बैछार होती है...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
पटाखे की बैछार होती है-
नये मेहमान के नये मेहमान के आने पर-
शादी पर भी पटाखे फूटते हैं-
नई बहू के घर लाने पर-
सुनसान घर हो जाता है-
शव घर से शमशान ले जाने पर...

Posted on: Mar 17, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

देखत देखत अंधवा होगे, सुनत होगे बहरा...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
देखत देखत अंधवा होगे-
सुनत होगे बहरा-
देखत देखत आगी लगा गईन-
हमर पैरा गोर्रा-
खेत खार मा चिमनी गडा गयी-
वहां ले निकरी करिया करिया कुहरा...

Posted on: Mar 16, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

होको तो बिदूर सैगो भोज देई...ओड़िया भजन-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक ओडिया भजन सुना रहे हैं:
होको तो बिदूर सैगो भोज देई-
तो साई पारी ला मोनो-
मुजेच दरबा जचिले कहीकी-
न छुवा जे भगवाना-
बपत बिजूर सबो भोज देई-
तो साई पारी ला मोनो...

Posted on: Mar 12, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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