एक छोटे से झरोखे से झांकती...महिला दिवस पर कविता
कानपुर (उतरप्रदेश) से के एम भाई महिला दिवस के अवसर में एक कविता सुना रहे है और कह रहे हैं साथियों महिला दिवस की शुभकामनाओं के साथ एक रुख अपने घर के उन झरोखे की तरफ भी करियेगा जो सदियों से खुले आसमान का इन्तजार कर रहे हैं :
एक छोटे से-
झरोखे से झांकती-
फड़ फड़ाते हुए-
चंद छड़ों में उड़ जाती-
ची ची करते करते-
एक मीठा गीत-
गुन गुना जाती-
अपने ही लफ्ज़ों में-
प्रेम का रस-
बहा कर-
रंग-बिरंगे सुरों में-
प्रेम सुधा-
बरसा जाती है वो-
नटखट अंदाज से-
मेरा दिल छू जाती-
अपनी एक झलक से-
मेरा सारा दर्द-
मिटा जाती है वो-
चंद अफसानों से-
मेरी सारी दुनिया-
सजा जाती-
एक मीठी खुशबू-
बहा कर-
रंग- बिरंगे सुरों में-
प्रेम- सुधा-
बरसा जाती है वो-
प्रेम- सुधा-
बरसा जाती है वो...
Posted on: Aug 15, 2017. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
नेतावों भारत छोड़ो, नेतावों भारत छोड़ो...कविता
कानपुर (उत्तरप्रदेश) से के.एम.भाई आजादी के 75 वर्ष पूरे होने और आज के परिदृश्य को देखते हुवे एक कविता सुना रहे हैं :
नेतावों भारत छोड़ो,नेतावों भारत छोड़ो-
अम्बानी टाटा माल्या भारत छोडो-
लोकतंत्र के व्यपारी,राजनीती के दलालो भारत छोडो-
शराब सवाब दंगा फसाद भारत छोड़ो-
शिक्षा माफिया धर्म के ठेकेदारो भारत छोडो-
भ्रष्ट न्याय पालिका,चूसक कार्य पालिका भारत छोडो...
Posted on: Aug 14, 2017. Tags: K.M BHAI SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : मिर्गी बीमारी के घरेलू उपचार-
रीवा मध्यप्रदेश से बीरेन्द्र भाई मिर्गी के बारे में सावधानी तथा घरेलू उपचार बता रहें है. वे कह रहे हैं कि मिर्गी के मरीज़ आग, कुंआ, नदी, तालाब, रेलवे ट्रेक के पास जाने तथा किसी भी प्रकार के वाहन चलाने से सावधानी बरते क्योंकि मिर्गी का दौरा कहीं भी और कभी भी आ सकता है और वे इस बीमारी के घरेलू रोगों उपचार बता रहें है वे बता रहे हैं कि प्याज का रस पिलाने से रोगी को आराम मिलता है, अगर यह बीमारी लंबी से चली आ रहीं है तो प्याज का रस माथा में लगाने से लाभ होता है और लहसुन को पीसकर सुंघाने से भी फायदा होता है तथा लहसुन की 8-10 कलिया को दूध के साथ उबालकर पिलाने से लगभग एक सप्ताह में फायदा होता है | बीरेन्द्र भाई@9584389840
Posted on: Apr 15, 2017. Tags: BIRENDRA BHAI SONG VICTIMS REGISTER
आज का अम्बेडकर कैसा हो...कविता
कानपुर (उत्तरप्रदेश) से के एम भाई डॉ भीमराव अम्बेडकर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे है :
आज का अम्बेडकर कैसा हो-
पंडित-मुल्ला से ऊपर हो-
जाति-धर्म से नास्तिक हो !!
रंगीन लिबास में हो-
मस्त-मौला खुशमिजाज हो !!
प्रेम का उपासक हो-
सुख-शान्ति का सच्चा साधक हो !!
दिल से लल्लन टाप हो-
तकनीकी में गूगल का बाप हो !!
राजनीति का जांबाज हो-
सियासत का वो सरताज हो !!
अय्यासी में गोलेबाज़ हो-
स्टाईल से रजनीकांत हो !!
हर युवा की पहचान हो-
हर युग में महान हो !!
बापू हो या न हो-
अम्बेडकर जैसा हर एक इंसान हो !!
Posted on: Apr 15, 2017. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
एक छोटे से झरोके से झांकती फडफड़ाते हुए...कविता
कानपुर (उत्तरप्रदेश) से के एम भाई महिलाओ के सम्बन्ध में एक कविता सुना रहे है:
एक छोटे से झरोके से झांकती फडफड़ाते हुए-
फडफड़ाते हुए चंद क्षणों में उड़ जाती-
ची-ची करते-करते एक मीठा गीत गुनगुना जाती-
अपने ही लफ्जो में प्रेम का-रस बहाकर रंगबिरंगे सुरों में-
प्रेम सुधा बरसा जाती-
वो नटखट अंदाज से-
मेरा दिल छू जाती...
