रिरीलोयो रिला रेला ले...माडिया गीत
नगर पंचायत-भामरागड जिला-गडचिरोली महाराष्ट्र से माली चैतु कलमुटी एक माडिया गीत सुना रही है:
रिरीलोयो रिला रेला ले-
देवन एलोय एलोय आलय आलय-
दीरेन दीरेन दाकड़ एलोय-
जमने दाकड़ चिरो चिरो कुरे-
आ चिरो कुरे एलो एलो देवान-
धीरे धीरे दाकड़ एलो-
रिरीलोयो रिला रेला ले...CS
Posted on: Jun 06, 2020. Tags: BHAMRAGAD GADCHIROLI MH GONDI MADIA SONG MALI CHAETU KALMUTI
आदिवासी इलाको में गर्मी के दिनों में ज्यादातर शीतल पेज पीते है, उससे शरीर में ठंडक बनी रहती है ...
नगर पंचायत-भामरागड जिला-गडचिरोली महाराष्ट्र से तारा बाई मडावी अपनी माड़िया गोंडी भाषा में संबती दुग्गा को बता रही है कि आदिवासी इलाकों में खासकर गर्मी के समय शीतल पेज का सेवन ज्यादा करते है इसे बनाने के लिए चावल को पीसते है एक दिन पानी में डालकर भिगाते है दूसरे दिन उबालते है फिर फिर इसे एक-एक रोज पीते हैं इसे पीने से गर्मी शांत होता है शारीर में फुर्ती रहता है इसलिए गर्मी के दिनों में इसे जरुर पीना चाहिए |...CS
Posted on: Jun 06, 2020. Tags: BHAMRAGAD GADCHIROLI MH FOOD TARA BAI MADAVI
हम स्व सहायता समूह की महिलाएं कैंटीन चलाती हैं और कोरोना काल में भी आत्मनर्भर हैं...
बाबूराव सेडमाके चौक, नगर पंचायत-भामरागड, जिला-गडचिरोली महाराष्ट्र से कविता मडावी अपनी माड़िया गोंडी भाषा में मोहन यादव को बता रही है कि इस कोरोना काल में कई मजदूर भाई-बहन पैदल चलते-चलते काम के अभाव में हो गए है पर यहां गाँव की महिलाएं बचत समूह के माध्यम से एक केन्टीन चला रही है खुद आत्म निर्भर है और दूसरों को भी भोजन कराते हैं यह सन्देश दे रहें है की आत्म निर्भर बनने के लिए खुद का काम करना जरुरी है| संपर्क नम्बर @9420637683..CS
Posted on: Jun 06, 2020. Tags: BHAMRAGAD GADCHIROLI MH GROUP HELP KAVITA MDAVI SELF STORY WOMAN
ईशु, ईशु, ईशु नाम गोरा पान....माडिया भक्ति गीत
नगर पंचायत-भामरागड़, जिला-गडचिरोली (महाराष्ट्र) से बिमला और एल्सिबा एक माडिया भक्ति गीत सुना रहे हैं:
ईशु, ईशु, ईशु नाम गोरा पान-
तार नारा महंगा कैदी नाईस सोडे ना-
नाईस सोडे न नाईस सोडे ना-
तार नारा महंगा कैदी नाईस सोडे ना-
ईशु,ईशु,ईशु नाम गोरा पान...
CS
Posted on: Jun 05, 2020. Tags: BHAMRAGAD GADCHIROLI MH BIMLA AELSIBA MADIA SONG RELIGION
हमारे यहां जंगल में हर तरह के जानवर है, भालू लोंगो पर कई बार हमला किया है...(माड़िया में)
नगर पंचायत-भामरागड, जिला-गडचिरोली (महाराष्ट्र) से देवजी पुंगाटी माड़िया गोंडी भाषा में मोहन यादव को बता रहे है इनके यहाँ अभी भी बहुत भारी जंगल है जंगल में हर तरह के जानवर रहते है जिसमे से ज्यादा भालू लोंगो पर कई बार हमला किया है कई कई लोग भालू के हमले से मर चुके है लोग अकेले जंगल में जाने से डरते है यदि जंगल में जाते है तो लोग इकट्ठा होकर जाते है तभी कुछ ला पाते है किसी पर यदि हमला हो जाता है तो सरकार को जानकारी मिलने पर मुआवजा दे देता है इसलिए हमारे यहाँ जंगल अभी बचा हुआ है|(168495).CS
