पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सलियों में जंगल में ले जाकर जान से मार दियें...
ग्राम पंचायत-छोटेडोंगर, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से भागेश्वरी मांझी, विजय मांझी बता रहे हैं, उनके ससुर जी पहले जनपद सदस्य थे| जब वे अपने खेत का काम करवा के वापस पति पत्नी आ रहे थे फिर उन्हें नक्सलियों से घेर लिए और जंगल के अन्दर ले जा कर जान से मार दिए| फिर वे लोग अपना पुराना गांव छोड़कर नारायणपुर में रह रहे हैं| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@7587759278.
Posted on: Feb 20, 2022. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER
Impact :सीजीनेट में सन्देश रिकॉर्ड करने पश्चात् वोटर आईडी बन गया|
ग्राम पंचायत-त्रिपाली, पोस्ट-जामु, थाना-बैकुंठपुर, तहसील-छिनमोर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से शिवकुमार दिवेदी बताते है ,उनकी मम्मी का वोटर आईडी बनाने में खाफी दिक्कतें आ रही थी, और उन्होंने अपनी समस्या को सीजी नेट को शेयर किया सीजी नेट की मदद के कारण उनकी मम्मी का वोटर आईडी एक हफ्ते में बनकर तैयार हुआ जिसकी वजह से उनकी मम्मी का पेंशन शुरु हो पाई और वे बहुत खुश है| इसलिये वे मदद करने वाले साथियों को धन्यवाद दे रहे हैं|
Posted on: Feb 20, 2022. Tags: IMPACT MP REWA
इस जोनो मैंतो क्या हो गया...गजल
ख़ुशीनगर,उत्तरप्रदेश से सुकई कुशवाहा एक गजल सुना रहे है|
तोखी तो इस जोनो मैंतो क्या हो गया-
दोसी तो इस जोनो मैंतो क्या हो गया-
जिसो को क्या आगई बेवफा हो गया...
Posted on: Feb 19, 2022. Tags: GAJAL KHUSHINAGR UP
सहकार रेडियो: बाल चौपाल : दादीमां, नीरू और गुलचांदनी / कहानी- होल्गर पुक्क / स्वर- वर्षा जवलगेकर
श्रोताओं, सहकार रेडियो के कार्यक्रम “बाल चौपाल” में आज आप सुनेंगे कहानी “दादीमां, नीरू और गुलचांदनी”| इसे अनुराग ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘रोज़मर्रा की कहानियां’ से लिया गया है| लेखक हैं होल्गर पुक्क| आवाज़ है पटना, बिहार से साथी वर्षा जवलगेकर की| ध्वनि सम्पादन किया है शिल्पी ने|
कार्यक्रम की यूट्यूब लिंक :https://youtu.be/EUgv-KzCDKs वेबसाइट पर सुनें :
https://www.sahkarradio.com/chart/bal-chaupal-dadima-niru-aur-gul-chandni/
Posted on: Feb 19, 2022. Tags: SAHKAR RADIO
पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सलियों ने बच्चों को नक्सली संगठन में शामिल करने की मांग की थी, फिर डर से गा
नगर पंचायत भानुप्रतापपुर (तसरी पारा) जिला-कांकेर (छतीसगढ़) से सरिता नेताम जी बात कर रहे हैं इनके गाँव देवार खेड़ा में नक्सलियों ने बच्चों को नक्सली संगठन में शामिल होने के लिए मांग मांग कियें थे| अगले दिन उन्होंने डर से गाँव छोड़कर भानुप्रतापपुर आकर बस गए| इस दौरान इनके घर, फसल, जानवर, खेत सब कुछ छोड़कर भाग आए| अब इनके पास रहने व कमाने को कुछ भी नहीं है| सरकार के द्वारा जमीन व 90 हजार रुपये मिलने की बात हुई थी किन्तु सिर्फ 9 हजार रुपये ही कलेक्टर द्वारा मिले| इनकी मांग है बाकी जो पैसा मिलना था वह मिल जाता तो कोई काम धंधा शुरू कर पाते |
