रे रे लयो रेला रेरे ला...गोंडी गीत-
ग्राम-सुरनार, तहसील-कटेकल्याण, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से गोपीनाथ मंडावी गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रे लयो रेला रेरे ला-
मुनेता मावा पिचवल उड़ा रा दादा-
क्रीडा क्रीडा करसड़ मनता रा-
जप जप जुम जुम परान एदाना दादा-
गुड़मिन गुड़मिन डोलकू पेसाना-
मलू पिट्टेता जली तोसी रा दादा-
मावा पेन ता शोभा उड़ा रा ईद...(183033) D
Posted on: Mar 16, 2021. Tags: CG DANTEWADA GONDI SONG GOPINATH MANDAVI
वड़ा वड़ा हिन्दम दा नाड़ता दिनं...गोंडी गीत-
ग्राम-सुरनार, तहसील-कटेकल्याण, जिला-दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से गोपीनाथ मंडावी एक गोंडी गीत सुना रहे है:
वड़ा-वड़ा हिन्दम दा नाड़ता दिनं-
दयु दयु हिन्दम दा नेट्ता दिनं-
डटरा लयोड़ दयाकल आगे बड़ेम अयाकल-
दादा दीदी सब मनल नेट्ता ज्ञान करयाकल-
माने ज्ञान व्यवहार ज्ञान नेंड मनल करयाकल-
नड़ता दिनं पालन थे वेड़का मनल आयाकल...
Posted on: Mar 12, 2021. Tags: CG DANTEWADA GONDI SONG GOPINATH MANDAVI
पीड़ितों का रजिस्टर: मेरे पति को नक्सलियों ने मार दिया है, मजदूरी करके जीवन यापन कर रहे हैं...गोंडी
जिला-दंतेवाडा, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी गोंडी में बता रही हैं कि उनका पति को कैम्प में जाता हैं करके जंगल में बुलाके देखे और नही जाने के कारण 12 बजे आये घर में और मार के चले गए हम लोग नही जानते थे,उस दिन द्वार का दरवाजा भी बंद नही किये थे, और घर के अंधर ही घुसकर मार दिए,कितने लोग आये थे तो मुझे नही पता मेरा आँखों को टावल से बंद कर दिए थे, पति को मार कर चले गए मैं पूरा खून से सनी थी सभी तरफ कैम्प में जातें हैं पुलिस वाले से मिले थे बोलकर मार दिए| मेरे तीन बेटे हैं राशनकार्ड हैं तो चांवल मिलता हैं उसी को खातें हैं और गाँव में जो भी काम होता हैं| मजदूरी करके अपने बेटे लोगो को पालती हूँ | (183714) D
Posted on: Feb 19, 2021. Tags: CG DANTEWADA VICTIM REGISTER
रेडियो दिवस पर संदेश...
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेन्द्र गंधर्व रेडियो दिवस पर संदेश दे रहे हैं, रेडियो का अविष्कार इटली के वैज्ञानिक मारकोनी ने किया था| रेडियो हमेशा से लोकप्रिय रहा है और मोबाईल आने से उपयोग बढ़ गया है| (AR)
Posted on: Feb 13, 2021. Tags: RADIO DIWAS SONG
पीडितो का रजिस्टर : चुनाव के समय वोट मांगने के लिए आते है, लेकिन कोई मदद मांगने से मदद नहीं करते है..
गावं-तोके, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से हड़मा समस्या बता रहे है| बता रहे है की हड़मा का घर परिवार है ,खेत है | एक दिन हड़मा को गावं से पुलिस वाले ने पकड़ कर जंगल ले गए और दो दिनों तक अपने साथ रखे और घुमा के छोड़ दिए इससे मवादियो को शक लगा की हड़मा दो दिन पुलिस के साथ रहा कर कहानी बताई है और जान से मारने की धमकी दी जा रही थी जिसके कारण गावं छोड़कर भाग आना पड़ा है |और अब वहा नारायणपुर में ही कुमार पारा में रहता है |उसे अपने गावं परिवार को छोड़ आने के लिए मजबूर होना पड़ा | हड़मा का कहना है की वह अगर गावं के लोग उन्हें लेने आने से वह घर जाना चाहता है |कुमार पारा में आने को तीन साल हो रहा है |यह उन्हें रहने कमाने खाने के लिए जगह नहीं है | मजदूरी कर किराया में रहना पड़ता है | सरकार से कोई मदद नहीं कर रहे है न हीं कोई मदद करने के लिए तैयार है | चुनाव के समय वोट मांगने के लिए पहले पहले आ जाते है अब कोई मदद करने के लिए नहीं आते | संपर्क@ 9407638988
