आदिवासी संस्कृति में दारु पीने का नहीं बल्कि देवी देवताओ को चढाने का रिवाज है...(गोंडी)
ग्राम लाम्कंहार, तहसील अंतागढ़, जिला कांकेर,छत्तीसगढ़ से विश्राम गावड़े बता रहे हैं, दारु पीना आदिवासी संस्कृति में नहीं है लेकिन जो महुआ का फूल और छिलका को भिगो करके प्रकृति को अर्पण करते हैं|आदिवासी तो इसका व्यवसाय भी नहीं करते हैं |आदिवासी इसे इकठ्ठा करके रखे रहते थे और शादी,तीज,तिहार,जतरा में उपयोग करते थे और भूखमरी के लिए भी इसका उपयोग करते थे|लोग कहते हैं दारु से आदिवासी का विकास नहीं हो रहा है तो मैं शासन,प्रशासन से कहना चाहता हूँ कि जितने भी सरकारी शराब दूकान, भट्टी हैं उन्हें बंद किया जाए|क्योंकि इस से कई गाँव खाली हो चुके हैं आजकल गाँव में कोई युवा नहीं मिलेंगे अगर कोई हो भी तो उसे नक्सल बताकर गोली मार दिया जाता है |
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: VISHRAM GAWDE GONDI
हलत नहिये जी, ढोलत नहिये जी...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
हलत नहिये जी, ढोलत नहिये जी-
का हो गए बुढवा बाबनला बोलत नहिये जी-
चप्पर-चप्पर मंतर बोलत रहे जी-
अब तो मुंह लगे कछु कहत नहिये जी-
काहित मने मन म गुनत हवे जी-
बिहाव के भावर ला गिन्जारत नहिये जी...
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
उडिले दाकट कचारगढ़ मेला दा भाटो...गोंडी मेला गीत
जिला-बैतूल (मध्यप्रदेश) से सोनू इवने कचारगढ़ मेला से सम्बंधित एक गोंडी गीत सुना रहे है:
उडिले दाकट कचारगढ़ मेला दा भाटो-
बैया सीधो सामान करची ता बेला-
दर्शन कियाले कचारगढ़ मेला दा भाटो-
कर्रा असल ता छोला दा इंगा कचारगढ़-
उडिले दाकट कचारगढ़ मेला दा भाटो...
Posted on: Apr 28, 2018. Tags: SONU EVNE GONDI
Today's news from newspapers in Gondi : 27th April 2018 -
रांची :आदिवासी महारैली में कुरमी और तेली को ST का दर्जा देने का विरोध, आदिवासी धर्म कोड की मांग – प्रभात ख़बर-
रायगढ़ छत्तीसगढ़ | नहीं मिल रही पेंशन, सिर्फ 7 किलो चावल में परिवार का गुजारा कर रही विधवा – नईदुनिया-
रायपुर छत्तीसगढ़: राज्य के 50 लाख लोगों को बांटे जाएंगे स्मार्टफोन – नवभारत टाइम्स – 10 वीं पास के लिए भारतीय डाक ने निकली सरकारी नौकरी, जानिए कैसे करें आवेदन – दैनिक भास्कर
Posted on: Apr 27, 2018. Tags: GONDI NEWS RAMESH KUNJAM
रेला-रेला रेला रे रेलों रे रेला रेला...गोंडी गीत
जिला-तुर्क गोदावरी (तेलंगाना) से मडकम कन्नाराव एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रेला-रेला रेला रे रेलों रे रेला रेला-
अब्बा रोड़ी मेटा ता मल वली ता-
इगा रौडी मेटा ता पुन्गार वली ता-
अन्जोड़े वासोड़े चुडा इन्गेले-
रेला-रेला रेला रे रेलों रे रेला रेला...
