जय सेवा किम गा जय सेवा किम गोंडी धरम जागे मायल...गोंडी गीत
ग्राम-कौड़िया, जिला-छिदवाडा (मध्यप्रदेश) से राजना उइके एक गोंडी गीत सुना रही है :
सूरज निकलने का वक्त हो गया है-
सूरज निकलने का वक्त हो गया हैं-
हमारे आदिवासी समाज को जागने का वक्त हो गया है-
जागो मेरे आदिवासी भाई जागो मेरे आदिवासी भाई-
जो हमारे गोंडवाना कार्यक्रम को-
चाँद के पार ले जाने का वक्त हो गया है-
जय सेवा किम गा जय सेवा किम-
गोंडी धरम जागे मायल-
जय सेवा किम गा जय सेवा किम-
गोंडी धरम जागे मायल-
कोयतूर भाई बेगा चले मातुर-
कोयतूर भाई बेगा चले मातुर-
गोंडी धरम तुन भुले माई लातूर-
गोंडवाना ता राज खोई कितुड-
गोंडी भाषा तुन भूले माई लातूर-
इमे जय किम ग गोंडी धरम जागे मायल...
Posted on: Jul 24, 2018. Tags: CHHINDWARA GONDI SONG RANJNA UIKEY
मैं खुद गोंडी सीखकर उन इलाकों में पढ़ाऊंगी जहां लोग अब गोंडी बोलना भूल गए हैं (गोंडी भाषा में)
ग्राम सरोना, तहसील-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम आतला के साथ गाँव के गोंडी टीचर राम बाई कोरेटी हैं जो गोंडी शिक्षका के लिए ट्रेनिंग ले रही हैं और उसके बारे में जानकारी बता रही है. वे उनको बता रही हैं कि वो इसी जिले की ग्राम-लोह्त्तुर आमाबेडा की रहने वाली हैं वे अभी सरोना में आकर गोंडी भाषा सीख रही हैं उसके बाद सीख कर उत्तर छत्तीसगढ़ में सरगुजा में जा कर वहां के आदिवासियों लड़के लड़कियों को गोंडी भाषा सिखाएगी | वो बोल रही है कि उनके क्षेत्र में अब लोग गोंडी भाषा नहीं बोलते है तो यहाँ सीखने बाद वहां भी स्कूल में बच्चो को गोंडी में पढ़ाएगी जिससे हमारी भाषा को बचा सके| किसी समाज की अगर भाषा ख़त्म हो जाए तो वह समाज धीरे धीरे ख़त्म हो जाता है
Posted on: Jul 24, 2018. Tags: GONDI KANKER RAMBAI KURETI
निकुन लेवाय, लेवा तुन टंडीले...गोंडी गीत
ग्राम-लोह्त्तर, पंचायत-बोलंडी, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से शांति वट्टी, संतोषी गावडे और रामबाई कुरेटी एक गोंडी गीत सुना रहे है: इस गीत को कोलांग महोत्सव के समय गोटुल में गाया जाता है:
रे रे लोयो रे रेला रेला रे लोयो रे रेला-
निकुन लेवाय, लेवा तुन टंडीले-
किलोर वस्ताये कवर वसेताये-
सेंग जोड़-जोड़ लेयो रो जीवा उडिता-
बदिर बूम तोर वातोर नुनिले-
किलोर वस्ताये कवर वसेताये-
सेंग जोड़-जोड़ लेयो रो जीवा उडिता...
Posted on: Jul 22, 2018. Tags: GONDI SONG KANKER RAMBAI KURETI SANTOSHI GAWDE SHANTI WATTI
जंगो रायता इंग्लिश मीडियम गोंडी पब्लिक स्कूल, सरोना, कांकेर के बारे में जानकारी (गोंडी भाषा में)...
ग्राम-सरोना, तहसील-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम आतला के साथ में गाँव के साथी गोंडी टीचर सांगू मडावी हैं वे गोंडी भाषा में बता रहे हैं कि वो किस प्रकार गोंडी में बच्चो को पढ़ाते हैं. जंगो रायता इंग्लिश मीडियम गोंडी पब्लिक स्कूल चल रही हैं उसका संचालक जंगो रायता समाज कल्याण समिति छत्तीसगढ़ कर रही हैं, मैं 2016 में आया हूँ | यहाँ बच्चों और लड़के लड़कियों को गोंडी सिखा रहा हूँ यहाँ के लड़के लड़कियों को बिल्कुल गोंडी नहीं आता था बिल्कुल गोंडी भाषा के मामले में शून्य थे अब सभी लोग गोंडी भाषा में लिखना बोलना गाना गाना सब सीख गए हैं | हमारा सिन्धु सभ्यता के समय की लिपि, हमारा गोंडी भाषा, संस्कृति, हमारा इतिहास अब सब जानने लगे हैं |
Posted on: Jul 22, 2018. Tags: GONDI KANKER SAANGU MADAVI
झिमिर-झिमिर पीर वाईता,ढोड़ा उषा वाता...गोंडी गीत-
ग्राम-लामता, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से ब्रजलाल टेकाम एक पारम्परिक गोंडी लोकगीत सुना रहे हैं. इस गीत गीत में जीजा अपनी शाली से हंसी-ठिठोली करते हुए गाने में कुछ कहना चाह रही है:
झिमिर-झिमिर पीर वाईता,ढोड़ा उषा वाता-
अन सांगो घुस्सूर बैसी, बोट्टे देहकी लाता-
नावा मामा ना टूरी वो, केंजा नवा गोंडी पाटा-
पुपुल दाड़ी, पुपुल दाड़ी, व्ईयो हिल्ले बाड़ी-
अनि अन सांगो, जल्दी-जल्दी छूटे मायल गाड़ी-
कनकी ता गाटो, चिरोटा ता भाजी-
अनि आलू भट्टा परो, सांगो-अरसिता गाजी-
ठेका ते ठेका अनि, तोड़ी ता ठेका-
ना संग दे ऐन्दिकी ते, पैसा नना सेका-
नावा मामा ना टूरी वो...
ब्रजलाल टेकाम@9685526118.



