ओरु बोरू जोबाल जोय येरा बोदी बेरा वे...गोंडी गीत
ग्राम-ह्वेचुर, पंचायत-बोदानार, तहसील-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से श्यामा बाई, सियाबती, कुमारी रसोंती और सुनीता एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
रे रे लोयो रे रे लो रे रे लोयो-
ओरु बोरू जोबाल जोय-
येरा बोदी बेरा वे-
ओरु बोरू जोबल जोय-
हिरा बूती वेरा वी-
देसु वी जोबाल जोय-
हिरा बूती रे बैरावी...
Posted on: Aug 19, 2018. Tags: GONDI SONG KANKER CG KUMARI RASOTI SHAYAMA BAI SIYABATI
बेगडा चूड़ी कली थी, बेगडा चूड़ी कली थी नुनी...गोंडी विवाह गीत-
ग्राम पंचायत-आमानार, तहसील-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गंडाय बाई और मंगल दाई एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे है:
री री ला री री ला रीला री री लो री री लो री री लोय – बेगडा चूड़ी कली थी, बेगडा चूड़ी कली थी नुनी-
सेयोरे संवार साटुम रोय याया, सेयोरे संवार साटुम रोय-
साटुम में हांजी मतोना याया, साटुम में हांजी मतोना-
साटुम में हांजी मतोना याया हांजी मतोना-
मामा ना मरि मतोतोर रोय याया-
मामा ना मरि मनदुर रोय...
Posted on: Aug 18, 2018. Tags: GANDAY BAI GONDI MARRIAGE KANKER CG MANGAL DAI SONG
लोयो रीरी लो रिलो, रीरी लोयो, रीरी लो रीरी रेला...गोंडी गीत
ग्राम-लामकंहार, पंचायत-बडेतोपाल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रामबाई कोरेटी और सग्गोबाई दुग्गा एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
लोयो रीरी लो रिलो, रीरी लोयो, रीरी लो रीरी रेला-
आनिग बानिग करसा ओए दाई-
ओने बोने करसा ओ दाए-
ओए दाए ओने बोने करसा ओ दाए-
ओना वई करसा विहा ओ दाए-
दाए करसा निवा ओए दाए...
Posted on: Aug 18, 2018. Tags: CHHATTISGARH GONDI KANKER RAMBAI KORETI SAGGOBAI DUGGA SONG
झूम-झूम-झूम रेला झूम-झूम...गोंडी गीत
ग्राम पंचायत-पेयवारी, विकासखण्ड-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मधुका, कुमारी दिव्यारी और सुदेशवरी हिडको एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
झूम-झूम-झूम रेला झूम -झूम-
झूम रेला झूम-झूम-झूम रेला-
बसके याया इन्दाना बसके बाबा इन्दाना-
याया बाबा पेन तुन जोहार कियाना-
झूम-झूम-झूम रेला झूम -झूम-
झूम रेला झूम-झूम-झूम रेला-
क से कागज इन्दाना प पेन इन्दाना-
कागज पेन पैस स्कुल दायंना-
झूम-झूम-झूम रेला झूम -झूम...
Posted on: Aug 18, 2018. Tags: GONDI SONG KANKER CG
गोंड आदिवासी के गोटुल में सेमर के पेड़ का महत्त्व (गोंडी भाषा में)
ग्राम-वरचे, पंचायत-बैसगाँव, ब्लाक-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम आतला के साथ अंकलु पोटाई (पटेल) गोंडी भाषा में बता रहे है कि जो सेमर का पेड़ आप देख रहे है उसको युवक युवतियों द्वारा काटा जाता है उसके बाद गाँव के पटेल गायता (पुजारी) के हाथो से नेंग दस्तूर(नियम के अनुसार) करके लगाया जाता है और वैसे ही कोलांग उत्सव है जो उस परम्परा से ही जुडी हुई है| कोलांग नाचने के कुछ दिन पश्चात् युवक युवतियों द्वारा सेमर पेड़ काटा जाता है और उसको गोटुल के स्थान पर लगाया जाता है| इसमें जो छोटा पड़े दिख रहा है वो युवतियों के द्वारा लगाया गया है और जो बड़ा पेड़ लगा है वो युवको द्वारा लगाया गया है| उत्तम आतला@94049 84750.

