आमचो बस्तर इतलो सुंदर दिन के फले फूले रे...हल्बी गीत
जिला-जगदलपुर, बस्तर (छत्तीसगढ़) से गीता नाग एक पारंपरिक हल्बी गीत सुना रही हैं :
आमचो बस्तर इतलो सुंदर दिन के फले फूले रे-
गुडबा माचर गुनगुने से दिन डोंगरी चो पड़े-
नानो ली वैया-वैया नानो ली वैया-
बैला डीला, बैला डीला, बैला डीला, बैला डीला...
Posted on: Mar 25, 2019. Tags: CG GEETA JAGDALPUR NAAG SONG
स्वास्थ्य स्वर : कई दिनों से आ रही बुखार का घरेलू उपचार-
ग्राम-रहेंगी, तहसील-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा पुराने बुखार का घरेलू उपचार बता रहे हैं| ऐसा बुखार जो कई दिनों से है ठीक नही हो पा रहा है| उसमे गिलोय के 40 ग्राम टुकड़ा लेकर मिट्टी के बर्तन में रात को भिगोकर रख दें| सुबह उसे मिसलकर पियें |लगातार 3 दिन तक इसका सेवन करने से बुखार में लाभ हो सकता है| अधिक जानकारी के लिये दिये गये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : चंद्रकांत शर्मा@9893327457.
Posted on: Mar 24, 2019. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI
हल्बा समुदाय गोंडी और हल्बी भाषा बोलते हैं, वे वर्ष में एक बार मिलकर अपनी समस्याओं और सुख दुःख पर च
ग्राम-कोंजेरा, ब्लाक-बड़े राजपुर, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से मैरुम नतराना, नतेल राम नाइक और उनके सांथी जुड़े हैं जो अपने समाज के रीती रिवाज और जीवन के बारे में बता रहे हैं| वे बता रहे हैं कि उनके समाज के लोग गोंडी और हल्वी भाषा बोलते हैं| उनके इलाके में लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं।आज का समय मोबाईल और कंप्यूटर का है, जिसके बारे में वे नहीं जानते| वे देवी देवताओं की पूजा करते हैं| साल भर में एक बार अपने समुदाय के लोगों से बैठक कर चर्चा करते हैं| सुख दुःख, समस्या, खेती बाड़ी अदि विषयो पर चर्चा करते हैं| और समस्याओं को सुलझाते हैं|
Posted on: Mar 07, 2019. Tags: CG KONDAGAON SARLA SHRIVAS STORY
वाती ते वातिंतो द झालर झालर...गोंडी
ग्राम-माड पखांजुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमदे और अदेबाई एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
रे रेला, रेला, रेला, रेला-
वाती ते वातिंतो द झालर झालर-
बोड़ी ते वाती ते वातिंतो द झालरे झालरे-
वाती ते वातिंतो द झालरे झालरे...
Posted on: Mar 06, 2019. Tags: CG GONDI KANKER MONIKA MARAVI SONG
जाती पाती पेकोरो येलो, सूते इनवाला ले गया लोटा...गोंडी गीत-
ग्राम पंचायत-उलिया, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से पुन्नी पद्दा एक गोंडी गीत सुना रहे हैं:
रे रे लोयो रे रेला रेला-
जाती पाती पेकोरो येलो-
सूते इनवाला ले गया लोटा-
बलेरार छत्तीसगढ़ जिला लटा पाटा-
जाती मुंजल पेकोरो येलो-
योलो ले जाती मुंजल पेकोरो येलो...
