बढे कदम नहीं मुड़ना है, मुझे दूर तक उड़ना है...कविता-
ग्राम-महेशपुर, पोस्ट-लटोरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से शावित्री यादव एक कविता सुना रही हैं :
बढे कदम नहीं मुड़ना है, मुझे दूर तक उड़ना है-
हसरते बड़ी पंख छोटे हैं, रुकना नहीं तिनके झोके हैं-
धरा से गगन तक जुड़ना है, मुझे दूर तक उड़ना है-
बागो में बस कलियां हैं, कुछ झरती कुछ खिलती हैं-
मुझे जल्द नहीं खिलना है, मुझे दूर तक उड़ना है...
