कहब तो लग जाई धक् से, धक् से...अमीरी और गरीबी पर गीत -
ग्राम-जमुड़ी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेहाना कुरैशी अमीरी और गरीबी के ऊपर एक गीत सुना रही है :
कहब तो लग जाई धक् से, धक् से-
कहब तो लग जाई धक् से-
बड़े-बड़े लोगन के बंगला दो बंगला-
और हीरो हौंडा अलग से, अलग से-
कहब तो लग जाई धक् से-
हमरे गरीबन के झोपड़ी जुलम्बा-
बर्सेला पानी तो छत से गिरे टप्प से-
कहब तो लग जाई धक् से-
बड़े बड़े लोगन के संघी और साथी-
और भैया सरकार अलग से-
कहब तो लग जाई धक् से-
हमरे गरीबन के यूनियन जुलम्बा-
बोले तो लाठी पड़े ठक्क से-
कहब तो लग जाई धक् से-
बड़े बड़े लोग पहनें शर्ट और पैंट भैया-
और भैया टाई अलग से-
कहब तो लग जाई धक् से-
हमरे गरीबन के धोती जुलम्बा-
पहनें तो फट जाये चर्र से-
कहब तो लग जाई धक् से
बड़े बड़े लोग खाएं चम् चम् मलाई-
और रस्गुल्ला अलग से-
कहब तो लग जाई धक् से-
कहब तो लग जाई धक् से, धक् से...
