तरी नरिना नरिना नी ना हा ना नारी नानी हो...छत्तीसगढ़ी लोकगीत
ग्राम-कहडबरी, ब्लॉक-मानपुर, जिला-राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ से बरमतबाई बघेल एक छत्तीसगढ़ी गीत गा रही हैं, यह गीत परसदान के समय गाया जाता है:
तरी नरिना नरिना नी ना हा ना नारी नानी हो-
पुकार के बसत दाई मोरो पहुआ के फाटक हो-
उठा-उठा उपा तोहे अंगना बटोरउ हो-
कइसे के उठाऊं सासों अंगना बटोरउ हो...
