तरी-हरी ना ना मोर ये ना ना...बाल गीत
आदिवासी कन्या आश्रम-कामटी,तहसील-पंडरिया, जिला-कवर्धा (छत्तीसगढ़) से कक्षा-तीसरी की छात्रा अंजली एंव साथी मिलकर एक गीत प्रस्तुत कर रहीं है-
तरी-हरी ना ना मोर ये ना ना-
पान वाले भैया-पान वाले भैया-
खाबे कमाबे मजा कर बे भैया कोण मेर रैबे दूकान वाले-
अन्ठी ला मल-मल मै मिर्चा लगावे ओ पान वाले-
खाबे कमाबे मजा कर बे भैया कोण मेर रैबे दुकान वाले-
अन्ठी ला मल-मल मै भांटा लगावे ओ पान वाले-
खाबे कमाबे मजा कर बे भैया कोण मेर रैबे दुकान वाले-
अन्ठी ला मल-मल मै बंगाला लगावे ओ पा वाले-
खाबे कमाबे मजा कर बे भैया कोण मेर रैबे दुकान वाले...
