चले चदरिया ओढ़ बसंती हम बलिदानी वीर की....देशभक्ति गीत
मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक देशभक्ति गीत गा रहे हैं:
हमने पाई थाह आज माँ तेरे मन के पीर की-
चले चदरिया ओढ़ बसंती हम बलिदानी वीर की-
यही बसंती चादर ओढ़ी नानक ने रैदास ने-
उंच नीच का भेद मिटाया था श्रद्धा-विश्वास ने-
सिया राम में सारे जग को जाना तुलसीदास ने-
मुझको कहाँ ढूंढत बन्दे मैं तो तेरे पास में-
गूँज उठी थी इसी वेश वाणी संत कबीर की-
चले चदरिया ओढ़ बसंती हम बलिदानी वीर की-
पहना था यह वेश बसंती जब रणवीर प्रताप ने-
छुड़ा दिए छक्के दुश्मन के खींचे तक की टॉप ने-
इसी वेश में निकले बिस्मिल-भगत सिंह-आजाद थे-
किए न्योछावर प्राण न लेकिन मुख पर दुःख-अवसाद थे-
कड़ी बनेंगे हम भी बलिदानों की उस जंजीर की-
चले चदरिया ओढ़ बसंती हम बलिदानी वीर की.....
