एक बजे ना दो बजे ना तीन बजे आ जाबो...छत्तीसगढ़ी प्रेम गीत
सुनील कुमार मुज़फ्फरपुर, बिहार से एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
एक बजे ना दो बजे ना तीन बजे आ जाबो-
ए ओ मा फूल कहीं ना तोर से मोला मया लागे-
जब ले देखी हूं तोला तू त तोर मोला हाथ है-
जियरा में त समा गे वहाँ आ गए-
सोचला जानत ह तेहा मोला का बरसात है-
पहली प्यार है पहली बार है दिल मेरा धुक-धुकात है-
ए ओ मा फूल कहीं ना तोर से मोला मया लागे...
